गैंगवार में फायरिंग, गांव में फैली दहशत
छपरौली(बागपत)। कुख्यात परमवीर तुगाना पर फिल्मी अंदाज में गैंगवार के चलते फायरिंग की गई। सफेद रंग की कार घर के सामने आकर रुकी। सिर्फ दो हमलावर नीचे उतरे और पांच मिनट में ही वारदात कर फरार हो गए। एक की उम्र कम बताई गई है, जबकि दूसरे की अधिक थी। एकाएक फायरिंग से भगदड़ मच गई और दहशत फैल गई। लोग अपने घरों की तरफ भाग खड़े हुए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि परमवीर तुगाना अपने साथी नितिन और गौरव के साथ घर के बाहर चबूतरे पर बैठा था। नांगल गांव के दो किसान भी यहां बैठे थे। घर मालिक खेत गया हुआ था। कुछ ही मिनट बाद यहां हमलावर पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। चबूतरे पर बैठे परमवीर समेत अन्य लोगों ने मकान की तरफ दौड़ लगा दी। इस दौरान वह गोली लगने से घायल हो गए। कूड़ी में दहशत फैल गई और सन्नाटा पसर गया। हमलावर कार में बैठे परमवीर के ड्राइवर को नहीं देख सके। हमले के बाद ड्राइवर ही घायलों को लेकर नर्सिंग होम पहुंचा।
प्रमोद गांगनौली की हत्या में नाम आया था सामने
प्रमोद गांगनौली की हत्या की जांच में परमवीर का नाम सामने आ चुका है। पुलिस को आशंका है कि बदला लेने के लिए हमला किया गया है, लेकिन जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
पीछे थे हमलावर, खतरा भांप गया था परमवीर
परमवीर के गांव तुगाना से कूड़ी करीब छह किमी दूर है। परमवीर अपने साथियों के साथ कूड़ी गांव की तरफ घूमा। हमलावर पीछा करते हुए पहुंच गए। माना जा रहा है कि परमवीर खतरा भांप गया था, जिस वजह से वह मकान के चबूतरे पर बैठने के लिए रुक गया था। इसी बीच हमलावर भी पहुंच गए और फायरिंग शुरू कर दी।
मां रहीं ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत चुनाव की तैयारी
परमवीर की मां वीरमति छपरौली ब्लॉक की प्रमुख रही हैं। भाई और भाभी गांव के प्रधान रहे। परमवीर तुगाना जेल से छूटने के बाद अब जिला पंचायत चुनाव की तैयारी में जुटा था। यही वजह है कि वह तुगाना और आसपास के क्षेत्र में घूम रहा था।
राजस्थान के उदयपुर में एटीएफ ने दबोचा था
50 हजार रुपये का इनाम घोषित हो जाने के बाद परमवीर तुगाना को राजस्थान के उदयपुर में नोएडा एसटीएफ ने दबोचा था। जेल से जमानत पर रिहा होकर इन दिनों वह गांव आया हुआ था।
तुगाना पर पहले भी हुआ था हमला
परमवीर पर पांच साल पहले भी हमला हुआ था। तब वह बाल-बाल बच गया था।