बागपत में युवक फरीद की हत्या के मामले में पकड़े गए आरोपी सिपाही जितेंद्र समेत चार आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी कांस्टेबल के पास से सरकारी पिस्टल और 30 कारतूस बरामद हुए हैं। आरोपियों में भाकियू नेता चमन सिंह के दो बेटे भी शामिल है। उधर, मुख्य आरोपी कांस्टेबल रघुबीर अभी भी पुलिस पकड़ से दूर है।
बागपत के यमुना रोड पर बुधवार की रात युवक फरीद की गोली लगने से मौत हो गई थी। उसके पिता रियाज ने दो कांस्टेबल रघुवीर एवं जितेंद्र के अलावा भाकियू नेता चमन सिंह के दो बेटे सोनू और मोनू तथा व्यापारी नेता नंदलाल डोगरा के रिश्ते के भतीजे हितेश पर हत्या का आरोप लगाते हुए कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसको लेकर शहर में बवाल हुआ था। पुलिस ने लाठीचार्ज तक किया था।
इससे पुलिस और पब्लिक आमने-सामने आ गई थी। अफसरों को मेरठ और गाजियाबाद की पुलिस तक को मौके पर बुलाना पड़ा था। कोतवाली के एसएसआई लोकेंद्र शर्मा का कहना है कि आरोपी कांस्टेबल जितेेंद्र के अलावा सोनू, मोनू और हितेश को शहर के पक्काघाट के पास से बृहस्पतिवार शाम करीब पौने चार बजे गिरफ्तार किया गया। आरोपी कांस्टेबल जितेंद्र के पास से सरकारी पिस्टल और 30 कारतूस बरामद हुए हैं। कांस्टेबल रघुवीर की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
बचाव में आ सकते है विधायक
बागपत। आरोपी सोनू ने कहा कि भाजपा के विधायक संगीत सोम उनके रिश्तेदार है। प्रकरण से उन्हें अवगत करा दिया है। वे इस मामले को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से मिलेंगे।
रघुवीर की गिरफ्तारी को बदायूं में दबिश
बागपत। कोतवाली एसएसआई लोकेंद्र शर्मा का कहना है कि आरोपी सिपाही रघुवीर की गिरफ्तारी के लिए शुक्रवार को बदायूं के अलावा विभिन्न स्थानों पर दबिश दी गई। मगर, सफलता नहीं मिली।
शहर में दूसरे दिन भी तनाव पूर्व शांति
बागपत। युवक फरीद की मौत को लेकर कस्बे में शुक्रवार को भी तनाव की स्थिति बनी रही। उसके परिजनों और क्षेत्र के लोग अफसरों से आरोपी कांस्टेबल रघुवीर की गिरफ्तारी की मांग कर रहे है। इसी को देखते हुए जगह-जगह पर पुलिस बल तैनात रहा।
बर्खास्त हो सकते हैं दोनों कांस्टेबल
बागपत (ब्यूरो)। एसपी रवि शंकर छवि ने आरोपी कांस्टेबल रघुवीर और जितेंद्र को गुरुवार को ही सस्पेंड कर दिया था। मामले की विभागीय जांच एएसपी अजीजुल हक कर रहे है। उनके खिलाफ जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई होगी। आरोपी कांस्टेबल बर्खास्त हो सकते है।
एलएलबी का छात्र भी एक आरोपी
बागपत (ब्यूरो)। पकड़े गए चार आरोपियों में एक कांस्टेबल जितेंद्र है। दूसरा आरोपी सोनू एलएलबी का छात्र है। तीसरा आरोपी हितेश, सोनीपत के एक कॉलेज से आर्किटेक्ट की पढ़ाई कर रहा है। चौथा आरोपी मोनू सरकारी चिकित्सक की गाड़ी चलाता है।