नाबालिग के अपहरण में तीन भाइयों समेत चार को सजा
बागपत। नाबालिग के अपहरण के मामले में एडीजे विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट ने तीन सगे भाइयों समेत चार दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई। न्यायाधीश शैलजा राठी की अदालत ने चारों को लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने और शादी के लिए मजबूर करने का दोषी माना। जबकि मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हो सकी थी।
शासकीय अधिवक्ता राजीव कुमार व अनुज ढाका और अधिवक्ता अंजू ने बताया कि बड़ौत कोतवाली क्षेत्र से 19 अगस्त 2015 को 16 वर्षीय लड़की का चार युवक गाड़ी में अपहरण कर नोएडा ले गए थे। लड़की के पिता ने तीन सगे भाइयों सद्दाम, इरशाद व अमजद निवासी छलैरा, नोएडा और उनके रिश्तेदार जाहिद निवासी बागपत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लड़की ने अपने बयान में चारों दोषियों पर कमरे में बंद कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। साथ ही बताया था कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। जाहिद ने उसका हाथ जला दिया था। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में सभी जमानत पर बाहर आ गए थे। मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई थी।
बृहस्पतिवार को को चारों को सजा सुनाई गई। कोर्ट ने धारा 366 में 7-7 साल, 10-10 हजार का अर्थदंड, धारा 363 में 5-5 साल की सजा व 5-5 हजार का अर्थदंड, धारा-323 में एक-एक वर्ष कारावास और एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजा एक साथ चलेंगी। इसके चलते दोषियों को सात-सात साल जेल में गुजारने होंगे। कुल 16-16 हजार का आर्थिक दंड लगाया गया। इसमें से आधी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी। सजा सुनाते ही चारों दोषियों को कस्टडी में ले लिया गया।