बागपत। नेपाल के जमातियों की पैरवी करने पर अधिवक्ता से चैंबर छुड़वाने का मामला दिनभर चर्चा में रहा। पूर्व जिला बार संघ अध्यक्ष जयवीर सिंह एडवोकेट ने कहा कि अधिवक्ता नफीस अहमद उनके चैंबर में बैठकर वकालत कर सकते हैं। मुकदमे की पैरवी करना अधिवक्ता का दायित्व है। इसमें कुछ भी गलत नहीं किया गया गया है।
शनिवार को जयवीर सिंह तोमर ने कहा कि नेपाल के जमातियों की पैरवी करने पर नफीस अहमद को उनके सहयोगियों ने चैंबर से निकाल दिया था। उनका कहना है कि अधिवक्ता समाज की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। न्याय प्रणाली को आगे बढ़ाने में खास भूमिका भी निभाते हैं। अधिवक्ता को चैंबर से हटाना निजी मामला है, इसमें किसी दूसरे अधिवक्ता की कोई भूमिका नहीं हो सकती है। नफीस अहमद नेपाल से आए जमातियों की पैरवी करें, उनके चैंबर में बैठकर वकालत कर सकते हैं। कोई दिक्कत नहीं है। प्रकरण को जातीय रूप देना गलत है।
नाम पर कराया पेंट
बागपत। अधिवक्ता रणवीर सिंह एडवोकेट ने शनिवार को चैंबर पर लिखे नफीस अहमद के नाम पर पेंट करा दिया और यहां पर दूसरे साथी अधिवक्ता का नाम लिख दिया गया है।