लंबे और विविध राजनीतिक सफर के साक्षी
सत्यपाल मलिक ने कांग्रेस, जनता दल और भारतीय जनता पार्टी के साथ सक्रिय राजनीति की। सत्यपाल मलिक ने अपना राजनीतिक जीवन 1970 के दशक में शुरू किया था। वर्ष 1977 में उन्होंने पहला विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद उन्होंने कई अहम पदों पर देश की सेवा की।
उनके कार्यकाल के दौरान जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने जैसा ऐतिहासिक फैसला हुआ। इसके बाद भी उन्होंने कई बार मीडिया के सामने आकर विवादास्पद मुद्दों पर अपने विचार रखे।
सत्यपाल मलिक ने अपने कार्यकाल के दौरान कई बार खुलकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए, जिससे वे लगातार सुर्खियों में भी रहे। वे किसान आंदोलन के समर्थन में भी मुखर रहे।
सादगी और बेबाकी के लिए याद किए जाएंगे मलिक
उनकी छवि एक ऐसे नेता की थी जो सत्ता में होते हुए भी सवाल उठाने से नहीं डरते थे। वे किसानों के पक्षधर, संविधान और लोकतंत्र के रक्षक के रूप में पहचाने जाते थे।
पूर्व राज्यपाल की मौत की खबर से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई बड़े नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की है।