वाणिज्य कर विभाग ने जीएसटी लागू कराने के लिए कमर कस ली है। नियमित रूप से चेकिंग अभियान चलाए जाएंगे। यही नहीं जिन व्यापारियों को जानकारी नहीं है, पहले चूक पकड़े जाने पर उन्हें समझाया जाएगा। यह सिलसिला पहले तीन माह चलेगा। बार-बार गलती करने या जान बूझकर गलती करने पर कार्रवाई होगी।
आज सुनी जाएंगी समस्याएं
बागपत। वाणिज्य कर अधिकारी एके गुप्ता ने बताया शनिवार को जिला कार्यालय में व्यापारियों की समस्याएं सुनी जाएंगी। इसके अलावा नियमित तौर पर कर्मचारियों और अधिकारियों की ट्रेनिंग कराई जा रही है। किसी भी व्यक्ति को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
जीएसटी में व्यापारियों की सुविधा के लिए समाधान योजना का प्रावधान है। ऐसे समस्त व्यापारी जिनका पिछले वर्ष का टर्न ओवर 75 लाख से कम है वे समाधान योजना के पात्र होंगे। व्यापारी केंद्रीय बिक्री नहीं कर सकेंगे। समाधान की दर ट्रेडर्स के लिए एक प्रतिशत, निर्माता के लिए दो प्रतिशत, रेस्टोरेंट एवं ढाबा का व्यवसाय करने वालों के लिए पांच प्रतिशत निर्धारित की। नियमित रिटर्न समुचित तौर पर दाखिल करने वाले व्यापारियों का स्वत: ही कर निर्धारित हो जाएगा।
रिटर्न नहीं भरा तो पंजीकरण होगा रद्द
बागपत। वाणिज्य कर के एडिशनल कमिश्नर धर्मेंद्र चौधरी कहते हैं कि सभी व्यापारियों का पंजीकरण कराया जा रहा है। पंजीकरण के छह माह के भीतर अगर कोई व्यापार शुरू नहीं करता या रिटर्न दाखिल नहीं करता तो उसका पंजीकरण रद किया जा सकता है। धोखाधड़ी या तथ्यों को छिपाकर किए गए पंजीकरण भी सक्षम अधिकारी रद कर सकते हैं।
दो करोड़ टैक्स के मामले में ही जेल
बागपत। जीएसटी को लेकर भ्रांतियां फैल रही है। वाणिज्य कर अधिकारी एके गुप्ता कहते हैं कि केवल दो करोड़ तक के अप वंचित टैक्स के मामलों में कमिश्नर की पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त होने पर ही अभियोग चलाया जा सकेगा, लेकिन यह मामले जमानती है। दो करोड़ से अधिक टैक्स के अपवंचित मामले गैर जमानती होंगे।