बागपत। जिले में 40 में से 25 सचिवों के तबादले की सूची रविवार दोपहर को जारी की गई। इसके चार घंटे बाद ही जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) रमेश चंद्र गुप्ता ने इन 25 सचिवों में से नौ के तबादले बदलकर दूसरी सूची जारी कर दी। इस बदलाव पर कई सचिवों ने डीपीआरओ पर मनमानी और चहेतों को बचाने का आरोप लगाया है। सचिव इस मामले में सोमवार को अधिकारियों और शासन में शिकायत दर्ज कराएंगे।
डीपीआरओ रमेशचंद्र गुप्ता ने शनिवार को 25 सचिवों के तबादले कर दिए। इनमें कृष्ण कुमार तोमर, अंजली को खेकड़ा से बागपत, हरेंद्र शर्मा को पिलाना से बागपत, जोनी चौधरी को बड़ौत से बागपत, अकलेश कुमार को खेकड़ा से पिलाना, गजेंद्री, मोहित उज्जवल को बिनौली से पिलाना, अनिल कुमार वर्मा, मोनू यादव को पिलाना से खेकड़ा, दीपक मान को छपरौली से खेकड़ा, बड़ौत से छपरौली रोहित खोखर, संदीप कुमार को बागपत से छपरौली, सुनीता देवी, गौरव राणा बिनौली से छपरौली, सूरज को बागपत से बड़ौत, सुशील कुमार, विपिन कुमार, आर्यवीर, प्रशांत अहलावत को बिनौली से बड़ौत, सत्येंद्र कुमार को खेकड़ा से बिनौली, अमित वर्मा, अजय शर्मा को छपरौली से बिनौली, सचिन कुमार, प्रिंस कुमार जैन को बड़ौत से बिनौली, नीता को बागपत से बिनौली भेजा गया।
वहीं सचिवों के तबादला की सूची जारी होने के चार घंटे बाद ही इसको बदल दिया गया। जिसके बाद डीपीआरओ ने सचिवों को फिर से इधर-उधर किया। दूसरी सूची में मोहित उज्ज्वल को बिनौली से छपरौली, जोनी चौधरी को बड़ौत से पिलाना, कृष्ण कुमार तोमर को खेकड़ा से बिनौली, गौरव राणा को बिनौैली से बड़ौत, संदीप कुमार को बागपत से बिनौली, रोहित खोखर को बड़ौत से बिनौली, प्रिंस कुमार जैन को बड़ौत से बागपत, अमित वर्मा को छपरौली से बागपत, सत्येंद्र कुमार को खेकड़ा से बागपत भेजा गया है। सूची में संशोधन होने के बाद सचिव अंजली, जोनी चौधरी, कृष्ण तोमर, मोहित उज्ज्वल समेत अन्य ने डीपीआरओ पर आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत अधिकारियों, शासन में करने की बात कही है।
-डीपीआरओ ने दस साल से अपने कार्यालय में जमे सचिवों को नहीं छेड़ा
सचिवों ने आरोप लगाया कि डीपीआरओ के कार्यालय में पिछले दस साल से तेजेंद्र व प्रदीप शर्मा को रखा हुआ है। इनको गांवों में नहीं भेजा गया और इनका तबादला भी नहीं किया गया। इन पर कोई नियम लागू नहीं किया गया है।
-डीडीओ और डीपीआरओ के तबादलों में अलग-अलग नियम
डीपीआरओ ने दावा किया कि दोबारा सूची इसलिए बदली गई है कि जो सचिव पहले तीन साल तक किसी ब्लॉक में रह चुके हैं, उनको उस ब्लॉक में नहीं भेजा जाएगा। वहीं डीडीओ ने ग्राम विकास अधिकारियों के तबादले में इस नियम को लागू नहीं किया। इस तरह ग्राम विकास अधिकारियों व ग्राम पंचायत अधिकारियों के तबादलों में नियम बदल दिए गए।
वर्जन
पहले जारी की गई सूची में कई सचिवों को उन्हीं ब्लॉक में भेज दिया गया था, जहां वह पहले रह चुके हैं। इसलिए सूची को बदलवाया गया है। सचिवों की बात सुनकर जांच करा ली जाएगी।-अनिल कुमार सिंह, सीडीओ