दोघट। दाहा निवासी युवक राशिद पुत्र यूसुफ की तीन दिन पूर्व बड़ौत में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शुक्रवार सवेरे करीब तीन बजे उसके घर के दरवाजे में आग लगा दी गई। परिजनों की नींद खुली तो उन्होंने शोर मचा दिया। आसपास के लोगों ने पानी डालकर आग बुझाई। परिजनों का आरोप है कि यह उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश थी। उधर, पुलिस इसे शार्ट सर्किट से हुआ हादसा मान रही है।
राशिद की मां साबरा ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात वह, कासिम की पत्नी राशिदा, दो बच्चे सादिया व साद तथा मोमिन की पत्नी मुरेशा घर में सोए हुए थे। सुबह सवेरे उसकी चार वर्षीय पोती सादिया उठी थी तो उसने लकड़ी के दरवाजे में आग लगी देखी। शोर मचाने पर पड़ोसी आ गए और पानी डालकर आग बुझाई। परिजनों ने थाना पुलिस को सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि यह उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश थी। पुलिस भी मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। उधर, एसओ दोघट रमेश सिंह का कहना है कि लकड़ी के दरवाजे के ऊपर से विद्युत तार जा रहा है। शार्ट सर्किट के कारण उसमें आग लगने की आशंका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।