बागपत। किसानों में यूरिया को लेकर मारामारी मची है। अब भारत सरकार के उर्वरक मंत्रालय की टीम ने यूरिया तथा डीएपी वितरण का जमीनी सच जाने के लिए बागपत का दौरा किया। अग्रवाल मंडी टटीरी में इफको ई-बाजार पर यूरिया नहीं मिला। बड़ौत में एक किसान बोला कि यूरिया के बोरे खरीदने आए थे, लेकिन उसे नैनो यूरिया की शीशी थमाने लगे।
उर्वरक मंत्रालय भारत सरकार के उप सचिव सुरेंद्र ठाकुर तथा अनुभाग अधिकारी जगदीप कुमार ने सहकारी गन्ना समिति बागपत का यूरिया तथा डीएपी वितरण का रिकाॅर्ड खंगाला व लाइसेंस तथा रेट लिस्ट चेक की। इफको ई-बाजार अग्रवाल मंडी टटीरी में यूरिया नहीं मिला। साधन सहकारी समिति अग्रवाल मंडी टटीरी में पाॅस मशीन से रिकार्ड निकालकर स्टॉक रजिस्टर से मिलान किया। यहां शनिवार को 70 बोरे यूरिया बेचा गया है। गोदाम में नमी मिलने पर उर्वरक मंत्रालय की टीम ने नाराजगी जताई।
जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव ने बताया कि उर्वरक मंत्रालय की टीम ने इफको ई बाजार तथा दो निजी दुकानों को चेक किया जहां पर यूरिया तथा डीएपी उपलब्ध मिली। इफको ई-बाजार बड़ौत पर ट्रक से यूरिया उतारते श्रमिक मिले। यहां एक किसान ने बताया कि वह यूरिया बोरे खरीदने आए थे लेकिन उन्हें नैनो यूरिया की शीशी थमने लगे। इसके बाद वह किसान बिना नाम और लिखित में शिकायत दिए वहां से खिसक गया। उन्होंने कृषि अधिकारी को अब तथा पिछली साल के यूरिया वितरण की रिपोर्ट देने के लिए कहा। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि यूरिया की कालाबाजारी या ओवररेटिंग नहीं मिली।
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