बागपत। पंचायत घरों में संचालित जन सुविधा केंद्रों पर वसूले जा रहे शुल्क को विभागीय खाते में जमा नहीं कराया जा रहा है। इस तरह अभी तक बागपत में लाखों रुपये का खेल सामने आ रहा है। इसको देखते हुए पंचायती राज निदेशक ने नाराजगी जताते हुए डीपीआरओ को शुल्क जल्द जमा कराने के आदेश दिए हैं।
पंचायती राज विभाग ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए गांवों के पंचायतों घरों में जन सुविधा केंद्रों का संचालन कराया हुआ है। पंचायत सहायक इन केंद्रों का संचालन करते हैं। इसका उद्देश्य है कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड बनवाने, पेंशन बनवाने समेत अन्य सुविधाएं वहां मिल सके।
किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए भी पंचायत घर से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए ग्रामीण से 30 रुपये शुल्क वसूलने का प्रावधान है। वहीं अधिकांश पंचायत घरों में जन सुविधा केंद्रों पर वसूले जा रहे शुल्क का कोई हिसाब नहीं मिल रहा है।
पंचायत राज निदेशक राजकुमार त्यागी ने डीपीआरओ को पत्र भेजकर अवगत कराया कि ग्राम पंचायतों में संचालित जन सुविधा केंद्रों व अन्य मदों से प्राप्त आय को पंचायत के विभागीय खाते में जमा नहीं कराई जा रही है। इस तरह राशि किसके पास है और उसे जल्द ही विभागीय खाते में जमा कराया जाए।
इसके साथ ही जन सुविधा केंद्र की आय प्रतिदिन रजिस्टर में दर्ज कराने का निर्देश दिया है। डीपीआरओ अरुण अत्री ने कहा कि निदेशक के आदेश पर कार्रवाई कराई जा रही है। जन सुविधा केंद्र पर शुल्क के रूप में जो 30 रुपये वसूले जाते हैं, उसमें से पांच रुपये की दर से पंचायत सहायक को मिलेंगे। अन्य का हिसाब लिया जा रहा है।