चांदीनगर। देश-विदेश में अपनी मिठास से पहचान कायम रखने वाले आम रटौल पर भी कोरोना का असर दोबारा पड़ता दिख रहा है। पिछले साल भी मंडी न खुलने से आम खराब हो गए थे। बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। इस साल कोरोना कर्फ्यू के चलते बाग मालिकों की चिंता बढ़ गई है। बाग मालिकों का कहना है कि अगर कोरोना कर्फ्यू के चलते मंडी बंद रही तो इस बार भी काफी आम खराब होंगे और लाखों का नुकसान उठाना पड़ेगा। उस नुकसान से एक साल बाद भी नहीं उबर पाए हैं।
रटौल के बाग मालिक नीटू चौधरी का कहना है कि अगर कोरोना कर्फ्यू के चलते मंडी नहीं खुली तो भारी नुकसान होगा। बस यही चिंता सता रही है।
बाग मालिक मोमिन का कहना है कि पिछले साल लॉकडाउन में मंडी न खुलने से हजारों का नुकसान हुआ था। एक माह बाद आम की फसल आ जाएगी। अगर पिछली साल जैसा हाल रहा तो बाग किसानों की स्थिति खराब हो जाएगी।
रटौल के बाग मालिक सलीम का कहना है कि वह हर साल आम के बाग ठेके पर लेते हैं। पिछले साल लॉकडाउन के चलते कीटनाशक का छिड़काव भी नहीं कर पाए थे। जिससे फसल को नुकसान हुआ था। आम भी नहीं बिक पाया था।