बड़ौत। आर्यनगर में स्थित ट्यूबवेल के केबिल में फाल्ट आ जाने से 1200 घरों में पेयजल संकट गहरा गया। आरोप है कि सूचना देने के बाद भी नगरपालिका कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे। इससे लोगों में रोष है। नगरवासियों ने पालिका कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की।
पेयजल आपूर्ति के लिए नगरपालिका में इस समय तकरीबन 26 ट्यूबवेल संचालित है। आर्यनगर में भी पेयजल आपूर्ति के लिए काफी समय से ट्यूबवेल लगी है, लेकिन देखरेख के अभाव के चलते आए दिन ट्यूबवेल में तकनीकी खराबी आना आम बात हो गई है। लेकिन नगरपालिका प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। बुधवार की सुबह अचानक ट्यूबवेल के केबिल में फाल्ट हो गया, जिससे टयूबवेल बंद हो गई और इससे जुड़े तकरीबन 1200 से अधिक घराें में पेयजल आपूर्ति बंद हो गई। जिस कारण गर्मी के बीच लोगों को दिक्कतें बढ़ गईं। लोगों को पेयजल आपूर्ति के लिए दूरदराज लगे हैंडपंपों से पेयजल व्यवस्था करनी पड़ी। आरोप है कि कई बार सूचना देने के बाद भी नगरपालिका कर्मचारी से कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा।
- ये बोले नगरवासी
- नगरपालिका कर्मचारियों का ट्यूबवेल को नियमित रूप से संचालित करने पर कोई ध्यान नहीं है, जिस कारण आए दिन ट्यूबवेल बंद पड़ी रहती है। - राजीव
- ट्यूबवेल के केबिल में फाल्ट आने की सूचना कई बार नगरपालिका में जाकर दी गई, लेकिन इसके बाद भी कोई मौके पर नहीं पहुंचे। -संजय
- गर्मी के बीच पेयजल आपूर्ति करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। पालिका चेयरपर्सन को हस्तक्षेप कर इस मामले में लापरवाह कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। - वर्षा शर्मा
- वर्जन- यदि इसमें लापरवाही की गई है तो निश्चित ही कार्रवाई की जाएगी। साथ ही फाल्ट को दुरूस्त कराया जाएगा। - अनुज कौशिक नगरपालिका ईओ