बागपत। जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि किसान रिजेक्ट प्रजाति के गन्ने की बुवाई न करें। बुवाई से पहले कृषि वैज्ञानिकों और गन्ना विभाग की सलाह जरूर लें। रिजेक्ट प्रजाति के गन्ने की बुवाई से किसानों के अलावा चीनी मिलों को भी नुकसान होता है।
डीसीओ ने बताया कि किसान कुछ दिन बाद ही गन्ने की अगेती किस्मों की बुवाई शुरू कर देंगे। किसानों को अगर अधिक लाभ लेना है तो यह ध्यान रखें कि रिजेक्ट प्रजाति के गन्ने की बुवाई न करें। गन्ना विभाग के सर्वे में खेतों में रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना मिलता रहा है। तौल लिपिक भी इस तरह के गन्ने का तौल नहीं करते और चीनी मिलें भी इंडेंट जारी नहीं करती। इससे किसानों को सबसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। किसान धोखे और भ्रम में फंसकर इन बीजों की बुवाई कर लेता है, लेकिन बाद में चीनी मिल और विभाग के लिए यह बड़ी मुसीबत बन जाती है। बताया कि गन्ना बुवाई से पहले जिले में किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। किसानों को बताया जाएगा कि कौन-कौन से गन्ने की बुवाई ठीक है।