बागपत। रमाला चीनी मिल के क्रय केंद्रों पर तौल नहीं होने के कारण नौ गांवों के किसानों का गुस्सा भड़क गए। किसानों ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट का घेराव करते हुए हंगामा किया और डीएम कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ गए। किसानों को समझाने पहुंचे जिला गन्ना अधिकारी को किसानों ने धरने के बीच में ही बैठा लिया। जमकर खरीखोटी सुनाई। किसानों व गन्ना अधिकारी के बीच काफी नोकझोंक हुई। समस्या का समाधान कराने के बाद ही धरना खत्म किया गया।
बागपत शुगर मिल की क्षमता कम होने के कारण फैजपुर निनाना, फैजल्लापुर, नैथला, बिहारीपुर, सुल्तानपुर हटाना, खेड़ा इस्लामपुर, सरूरपुर कलां, खेडक़ी में रमाला शुगर मिल के क्रय केंद्र लगाए गए थे। शुगर मिल को शुरू हुए करीब 40 दिन हो गए, लेकिन किसानों को केवल 24 नवंबर को इंडेंट जारी किया गया और एक ही दिन तौल हो सकी। उसका गन्ना भी क्रय केंद्रों पर पड़ा हुआ है। तौल नहीं होने के कारण किसानों का गन्ना खेत में खड़ा हुआ है। इससे गुस्साए किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर शुक्रवार को कलक्ट्रेट पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। डीएम कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ गए। उनको समझाने के लिए जिला गन्ना अधिकारी अनिल भारती पहुंचे तो किसानों की उनके साथ नोकझोंक हुई। किसानों ने उन्हें भी अपने बीच में बैठा लिया। कहा गया कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता है, तब तक उनको उठने नहीं दिया जाएगा।
किसानों ने बताया कि गन्ना खेतों में खड़ा है और किसानों की दो-चार बीघा तक जमीन है। गन्ना मिल पर नहीं डाला गया तो गेहूं की बुआई नहीं हो सकेगी। गन्ना अधिकारी ने बताया कि टोल टैक्स के विवाद के कारण ट्रांसपोर्ट ठेकेदार ने क्रय केंद्रों से गन्ना उठाने से इंकार कर दिया था, जिससे बात की जा रही है। इस पर किसानों ने कहा कि उनके विवाद से किसानों को कोई मतलब नहीं है, बल्कि वह तौल शुरू होने के बाद कलक्ट्रेट से वापस जाएंगे। करीब तीन घंटे तक धरना देने के बाद विवाद सुलझ सका और शनिवार से सभी केंद्रों पर नियमित तौल शुरू कराने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ही किसानों ने धरना खत्म किया।
इस दौरान रोहित धनकड़ प्रधान निनाना, डायरेक्टर दिनेश फैजल्लापुर, अरविंद धनकड़ बिहारीपुर, सचिन प्रधान सुल्तानपुर हटाना, पिंकेश त्यागी प्रधान नैथला, भाकियू के हिम्मत सिंह, जिला पंचायत सदस्य सुनील, विनोद राणा, भाकियू के इंद्रपाल, गन्ना सोसायटी के चेयरमैन वीरेंद्र सिंह, देवप्रिय प्रधान बिहारीपुर, जयपाल, यशबीर, अजब सिंह, महक सिंह, मनीष खेड़ा आदि मौजूद रहे।