छछरपुर गांव मेें शनिवार को बकाया गन्ना भुगतान और गन्ना मूल्य घोषित करने के लिए पंचायत हुई। इसमें समस्या के निस्तारण के लिए जल्द ही गन्ना आयुक्त मेरठ से मिलने का निर्णय लिया।
ग्राम प्रधान अनिल कुमार एडवोकेट केे आवास पर आयोजित पंचायत की अध्यक्षता सुरेश पाल ने की। संचालन संजय ने किया। इसमेें छपरौली, तुगाना, ढ़िकाना, जौनमाना, लोयन, बोहला, बावली, मलकपुर, वाजिदपुर, गुराना, लौहड्डा, बिजरौल, बामनौली, रमाला, बड़ौत, हिलवाडी, पुसार, दोघट, लुहारी आदि गांवों के किसानों ने भाग लिया।
इस पंचायत में ग्राम प्रधान अनिल कुमार एडवोकेट ने कहा जनपद की मलकपुर और रमाला मिल पर किसानों का वर्तमान गन्ना सत्र का करोड़ों रुपये बकाया है, इस कारण किसान आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन न तो केंद्र सरकार इस ओर ध्यान दे रही है और न ही प्रदेश सरकार। पंचायत मेें आगामी गन्ना पेराई सत्र के लिए करीबन 400 रुपये प्रति कुंतल गन्ना का भाव घोषित करने की मांग उठाई।
साथ ही गन्ना आयुक्त मेरठ से जल्द मिलने का निर्णय लिया। पंचायत में राजीव, सुरेंद्र, इकबाल, उमेश, प्रदीप, अशोक, नीटू, संजीव, अनिल, देशपाल, भोपाल, संजय, सुरेश पाल, ,अशोक, बलराज, भालू, सुरेंद्र, मनोज, योगेश, अनिल, रणभूल, किशन, सुरेंद्र, अनिरुद्ध, तीर सिंह, हरपाल, जयपाल, महिपाल, मनोज, सुधीर, गौरव, प्रवीण रहे।
उधर, रंछाड़ गांव में रविंद्र हट्टी के आवास पर हुई बैठक की अध्यक्षता कंवर पाल ने की। संचालन संजीव ने किया। बैठक में किसान नेता रविंद्र हट्टी ने कहा क्षेत्र में सूखा रोग से फसलें बर्बाद हो रही है। इसमें विजय, हरवीर, प्रताप, अमित, सुधीर, धीर सिंह, धर्मवीर, रामबली, सुरेंद्र, आजाद आदि रहे।
350 का भाव मांगा
दाहा। टीकरी गांव में रालोद की बैठक हुई। इसमें किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव सत्यवीर राठी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है। अक्तूबर में गन्ना मिले शुरू होगी, लेकिन सरकार ने गन्ने के दाम घोषित नहीं किए हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से 350 प्रति कुंतल गन्ने का दाम घोषित करने की मांग की है। अध्यक्षता राज सिंह ने की। संचालन ईश्वर सिंह ने किया। इसमें धर्मेंद्र, हरपाल, विनोद, सतवीर मेंबर, बाबूराम, हसन, रमजानी, इलियास मौजूद रहे।