चौगामा क्षेत्र में किसानों का गन्ने की खेती से मोह भंग होता जा रहा है। क्षेत्र में किसान हजारों बीघा जमीन में सब्जी की खेती कर भारी मुनाफा कमा रहे हैं।
सरकारी की उपेक्षा के चलते चीनी मिलों द्वारा गन्ने का भुगमान समय पर न देने के कारण किसान आर्थिक रूप से कमजोर होता जा रहा है। चौगामा क्षेत्र में किसानों ने धीरे-धीरे गन्ने की खेती करना बंद कर दिया है। क्षेत्र के हिम्मतपुर, सूजती, टीकरी, दोघट गांवों में किसानों ने सब्जी की खेती करनी शुरू कर दी है।
किसानों ने लगभग तीन हजार बीघा जमीन में गोभी, मूली, सलगम, मिर्च, पालक, गाजर, बैंगन, लोकी, तोरी, टमाटर की फसल लगा रखी है और हर वर्ष सब्जी के खेती के रकबे में बढ़ोत्तरी होती जा रही है।
किसान पूर्व प्रधान किरत पाल, विनोद प्रजापति, चंद्रपाल कश्यप, बहादुर, बलराज, मदन, वीर सैन, रामनिवास, रामपाल ने बताया जुलाई माह में अगेती गोभी की फसल लगा दी जाती है।
जो इस समय बाजार में पहुंच रही है। चौगामा क्षेत्र से नजीबाबाद, मेरठ, दिल्ली, गाजियाबाद, धामपुर, सहारनपुर, रुड़की आदि शहरों में सब्जियां पहुंचती है। वहां किसानों को सब्जी के अच्छे दाम मिल जाते हैं। किसानों ने बताया गन्ने से ज्यादा सब्जी की खेती में कमाई हो जाती है।
किसानों ने कहा गांव में कृषि विभाग का कोई वैज्ञानिक आज तक नहीं आया है और न ही उन्हें कोई जानकारी नहीं दी जाती है। किसानों सब्जी के बीज पर कोई छूट भी नहीं दी जाती है। उन्होंने किसानों को अनुदान राशि देने की मांग की।