बड़ौत (बागपत)। नए कृषि कानूनों के विरोध में शनिवार को किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ब्रजपाल चौधरी के नेतृत्व में किसानों ने तजहसील में प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम दुुर्गेश मिश्र को भी सौंपा।
थांबेदार ब्रजपाल चौधरी और किसान नेता चौधरी बलजोर आर्य ने कहा कि तीनों कृषि कानून किसानों को बर्बाद करने के लिए बने हैं। जब तक यह कानून वापस नहीं होते किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। इसके अलावा एमएसपी को लिखित रूप में कानून बनाने को सरकार अनुमति दे। 60 वर्ष की आयु पार कर चुके किसानों को 5000 रुपये की मासिक पेंशन दी जाएं। किसानों का बकाया गन्ना भुगतान अविलंब रूप से कराया जाएं। आंदोलनकारी किसानों पर दर्ज सभी मुकदमों को वापस लिया जाएं। बिजली की बढ़ी दरों को वापस लेकर पूरे देश में एक समान बिजली दरें सुनिश्चित की जाएं। इस दौरान आशुतोष, रूपेश मलिक, बॉबी तोमर, पुष्पेंद्र, राजगुरु, चंद्रपाल, रामशरण, जयवीर आदि मौजूद रहे।
दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसानों को जो निर्णय होगा, वह सर्वमान्य होगा
बड़ौत। देशखाप चौधरी के आवास पर शनिवार को किसानों की बैठक हुई। चौधरी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि कृषि कानूनों को लागू हुए आज एक साल पूरा हो गया है। इन कानूनों के विरोध में दिल्ली के विभिन्न बॉर्डर पर किसान भी डटे हुए हैं। इन किसान नेताओं द्वारा जो निर्णय लिया जाएगा, उसी के अनुरूप आगे कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर गौरव तोमर, देशपाल बावली, जयपाल सिंह, सौराज, विनीत, जयपाल सिंह, सौराज, संजीव, बबलू शामिल रहे।
पुलिस ने भाकियू कार्यकर्ता को बागपत जाने से रोका
बिनौली। भाकियू के आह्वान पर शनिवार को कलक्ट्रेट में कृषि कानून नियमों की छाया प्रति जलाने व विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे भाकियू कार्यकर्ता व किसानों को जिवाना गुलियान में पुलिस ने रोक दिया। शिवनायरण सिंह दादरी, आदित्य सोलंकी, राकेश, रामनरेश, रामसेवक, भगत सिंह आदि कार्यकर्ता व किसान बागपत के लिये रवाना हुए थे। सूचना पर इंस्पेक्टर चंद्रकांत पांडेय जिवाना गांव पहुंचे और उन्हें जाने से रोक लिया। दिनभर उन पर पुलिस पहरा रहा।