बागपत। किसान बैठक में बुधवार को एनएचएआई के अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर किसानों व भाकियू कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर बैठक का बहिष्कार कर दिया। वह नारेबाजी कर जुलूस निकालते हुए प्रभारी मंत्री जसवंत सैनी से मिलने जाने लगे तो जिला अस्पताल गेट पर रोक दिए। वहां पुलिस के साथ उनकी धक्कामुक्की और हाथापाई हुई। बाद में डीएम अस्मिता लाल के समझाने के बाद किसान शांत हुए और बैठक करके समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
विकास भवन सभागार में बुधवार को किसान बैठक में भाकियू कार्यकर्ता व किसान पहुंचे। किसानों ने यमुना में बाढ़ आने के कारण नष्ट हुई फसल का मुआवजा दिलाने, छपरौली से सुभानपुर तक ठोकरें लगाने व बांध बनवाने की मांग रखी। इसके अलावा गन्ना बकाया भुगतान, गोवंश को पकड़वाने, दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे का निर्माण न होने तक हाईवे को टोल फ्री करवाने, सड़कों की मरम्मत कराने की मांग रखी।
वहां नेशनल हाईवे की हालत का मुद्दा उठा तो एनएचएआई के अधिकारियों के नहीं आने का पता चला। उनके बार-बार बैठक में नहीं आने की बात कही गई तो अधिकारियों के जवाब नहीं देने पर किसानों ने बैठक का बहिष्कार कर नारेबाजी कर धरना दिया। प्रशासन पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर व दिल्ली एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा ने कहा कि हर बार प्रशासन एनएचएआई के अधिकारियों को बुलाने का आश्वासन देते हैं, लेकिन कोई भी अधिकारी नहीं आता है।
किसानों की समस्या को लेकर अधिकारी गंभीर नजर नहीं आते हैं। वहां चेतावनी दी गई कि इस तरह के रवैये को देखते हुए एनएचएआई के सभी कार्य बंद करा दिए जाएंगे। इस दौरान विनोद चौधरी, शिवदत्त शर्मा, हिम्मत सिंह, कालूराम हिलवाड़ी, प्रदीप धामा आदि मौजूद रहे।
- जिला अस्पताल गेट पर पुलिस के रोकने से खूब हुआ हंगामा
विकास भवन से बैठक का बहिष्कार करके जिले के प्रभारी मंत्री जसवंत सैनी से मिलने उनके कार्यक्रम में किसान नेता जिला अस्पताल में जाने लगे। किसान नेताओं का जुलूस देखकर गेट पर पुलिस ने रोक लिया। इसको लेकर किसानों व पुलिस में हाथापाई हुई और किसान व कार्यकर्ता पुलिस को धक्का देते हुए अंदर घुस गए। डीएम अस्मिता लाल ने किसानों को विकास भवन में बैठकर समस्या सुनने का आश्वासन दिया तो वह शांत हुए। बाद में विकास भवन में किसान बैठक कराई गई।
पेराई सत्र शुरू होने से पहले होगा किसानों का गन्ना बकाया भुगतान
विकास भवन सभागार में दोपहर दो बजे के बाद किसान बैठक में डीएम अस्मिता लाल ने पहुंचकर किसानों की समस्याओं को सुना। डीएम ने कहा कि किसानों का गन्ना बकाया भुगतान पेराई सत्र शुरू होने से पहले कराया जाएगा। किसानों की फसल का नुकसान सर्वे कराकर दिया जाएगा और उन्हें परेशानी नहीं होने दी जाएगी। आगामी किसान बैठक में लेखपाल व एनएचएआई के अधिकारी मौजूद रहेंगे और जो नहीं आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर ने बदलते मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य शिविर लगवाने, हिम्मत चौधरी ने नेशनल हाईवे को गड्ढा मुक्त न होने तक टोल फ्री करने की मांग रखी। इसके अलावा छपरौली से सुभानपुर तक यमुना में ठोकरें लगवाने, विकास प्राधिकरण के दायरे में आने वाले भूमि के बैनामे करवाने आदि की मांग की। डीएम ने जल्द ही समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।