छपरौली। मौसम का मिजाज बदलने से बृहस्पतिवार रात हुई ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं और सरसों की फसल में हुआ। ओलावृष्टि के बाद गेहूं और सरसों की फसल गिर गई। इससे किसानों को पैदावार घटने का भी डर सताने लगा है। उधर, नुकसान का आंकलन करने के लिए कृषि विभाग ने टीम गठित कर दी।
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छपरौली कस्बे, तिलवाड़ा, तुगाना, कूर्डी, नांगल, हेवा, लूंब, टांडा, ककौरकलां, शबगा समेत अन्य गांवों में बृहस्पतिवार रात तेज हवाओं के साथ काफी देर तक ओलावृष्टि हुई। इससे खेतों से लेकर सड़कों पर सफेद चादर बिछ गई। शुक्रवार की सुबह किसान अपने खेतों में पहुंचे तो वहां गेहूं और सरसों की फसल गिरी मिली।
किसान पवन, ओमपाल आदि ने बताया कि उनके खेत में खड़ी सरसों और गेहूं की फसल पूरी तरह गिर गई। इससे पैदावार घटने का डर सताने लगा है। उन्होंने ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की। उधर, तेज हवा से तिलवाड़ा गांव में कई खंभे भी क्षतिग्रस्त हो गए।