बदरखा में यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद डूबी फसल देखते किसान। संवाद
बागपत/छपरौली। यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। नदी के अंदर किसानों की फसल डूबनी शुरू हो गई है। किसान फसल को काटने में लगे हुए हैं। वे जलस्तर बढ़ने से चिंतित हैं। अभी पानी और छोड़े जाने की उम्मीद है। पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण हथिनीकुंड बैराज में अधिक पानी आ गया है। इसके बाद यमुना नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। पिछले दो दिन में हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। शनिवार को छोड़ा गया 21 हजार क्यूसेक पानी यमुना नदी में पहुंच गया है और रविवार को छोड़ा गया 19 हजार क्यूसेक पानी सोमवार तक यमुना नदी में पहुंच जाएगा। इससे यमुना की पूरी तलहटी पर पानी हो गया है। नदी में किनारों पर ज्वार व सब्जी की फसल डूबनी शुरू हो गई है।
जलस्तर बढ़ने से निकटवर्ती गांवों में कटान शुरू हो गया है। इससे टांडा, कुर्डी, नांगल, जागौस, बदरखा, ककौर कला, पानी, काठा, मवीकलां, निवाड़ा, नैथला, सांकरौद आदि गांवों के किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। किसान जयवीर सिंह, रामफल कश्यप, बबलू व मुकेश आदि ने बताया कि यमुना नदी में फसल डूबने से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।