कहीं नगर में तो नही खपाई जा रही फर्जी पुस्तकें
बड़ौत (बागपत)। नगर में हर साल करीब एक करोड़ रुपये की किताबों की ब्रिकी होती है, इसलिए यहां पर भी फर्जी किताबों की खपत होने की आशंका लगाई जा रही है। गांधी रोड पर रविवार की रात्रि में वीके प्रकाशन के गोदाम में यह पहला छापा नहीं है, इससे पहले भी वर्ष 2018 में नगर की अन्य कई दुकानों में प्रशासन की टीम ने छापा मारकर आठ डुप्लीकेट बुक जब्त की थी और एक दुकानदार को हिरासत मेें लिया था।
नगर में 60 किताबों की दुकानें हैं। यहां हर महीने करीब 30 लाख रुपये का कारोबार होता है। इसमें किताबों के अलावा अन्य स्टेशनरी भी शामिल हैं। इसके अलावा छपरौली, अमीनगर सराय, अग्रवाल मंडी टटीरी, बागपत, खेकड़ा, दोघट, टीकरी समेत अन्य स्थानों में भी करीब ढाई सौ दुकानें हैं। जिले में हर साल करीब एक करोड़ कीमत की किताबों का कारोबार होता है। इस साल कोरोना के कारण दुकानदारों को भी मुश्किलें झेलनी पड़ी हैं। जनपद में अधिकतर किताबों की खरीदारी मेरठ से ही होती है। ऐसे में सवाल है कि कहीं जिले में भी तो नकली किताबें नहीं खपाई गई। नगर में किताबों की सबसे ज्यादा खरीदारी होती है। किताबों का पूरा बाजार है। कोरोना संक्रमण के कारण भले ही यहां भी कम हो, लेकिन एनसीईआरटी की किताबें जरूरत के हिसाब से खरीदी गई।
इस तरह करें असली और नकली की पहचान
बड़ौत। एनसीईआरटी की असली किताबों पर वाटरमार्क होता है। किताब खरीदते समय बेहद सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। नकली किताब पर वाटरमार्क नहीं होता है। किताब के आठ से दस पन्नों की जांच करे, अगर वाटरमार्क नहीं मिला तो किताबें नकली हैं।
वर्ष 2018 में आठ किताबें पकड़ी थी
बड़ौत। एनटी पायरेसिस एसचंद्र कंपनी लिमिटेड नई दिल्ली के हेड संजीव कुमार राघव और सहायक सुधांशु ने 24 जुलाई 2018 में टीम के साथ नगर में कई दुकानों में कोतवाली पुलिस के साथ छापा मारा था। इस दौरान उन्होंने कई दुकानों पर डुप्लीकेट बुक की जांच की। उन्होंने स्टार बुक सेंटर में जांच करने पर आठ किताबें (जो वस्तुनिष्ठ अंकगणित डॉ. आरसी अग्रवाल की है) पकड़ी गई। उन्होंने उन्हें कब्जे में लेकर दुकान मालिक संजीव को हिरासत में लेकर पुलिस को सौंपा था। इस संबंध मेें उन्होंने 63 कॉपी राइट एक्ट की धारा में दुकानदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज भी कराई थी।
चल रही जांच
बड़ौत। रविवार की रात्रि में एसडीएम दुर्गेश मिश्र और सीओ आलोक कुमार ने गांधी रोड पर स्थित वीके प्रकाशन के गोदाम छापा मारकर छह किताबों के नमूने लिए थे। एसडीएम दुर्गेश मिश्र ने बताया कि अभी इसकी जांच चल रही है। जांच के बाद इसकी पूरी रिपोर्ट एनसीईआरटी मेरठ को भेजी जाएगी।