-बारिश में वायरस और बैक्टीरिया सक्रिय होने के साथ ही धूल के कणों से बढ़ रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बारिश के मौसम में कई प्रकार के बैक्टीरिया और वायरस के अलावा धूल के कणों से आंखों में संक्रमण की समस्या बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल में पिछले कुछ दिनों में आंखों में संक्रमण के मरीज बढ़ गए हैं और इनकी ओपीडी डेढ़ सौ तक पहुंच गई है। चिकित्सक लोगों को आंखों की देखभाल करने और परेशानी होने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दे रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि बारिश में वायरस पनपने के साथ ही बीमारियां भी पनपने लगती हैं। बारिश और उमस के कारण आंखों की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। वहीं नमी और दूषित पानी के कारण आंखों में एलर्जी, चिपचिपापन और सूजन की परेशानी होने लगती है। आंखों में सूजन होने पर खुजली और आंख लाल हो जाती है। इसमें लापरवाही बरतने पर यह बढ़ जाती है। सही समय पर इलाज न कराने पर परेशानी अधिक बढ़ने की संभावना रहती है। चिकित्सकों के अनुसार जिला अस्पताल में जहां सामान्य दिनों में आंखों में संक्रमण के 80 तक मरीज रहते हैं। वहीं पिछले कुछ दिनों से वह डेढ़ सौ तक पहुंच गए हैं। इनमें ऐसे भी मरीज शामिल हैं, जिनको आंखों में ज्यादा समस्या हो रही है। इनको ठीक होने में कुछ ज्यादा समय भी लग सकता है।
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ऐसे करें बचाएं
-आंखों को छूने से परहेज करें
-ऐसे स्थानों से दूर रहें, जहां जलभराव हो
-आंखों को साफ और ताजे पानी से धोते रहें
-परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें
-बारिश के मौसम में नमी और उमस के कारण बैक्टीरिया और वायरस के सक्रिय हो जाता है, जिससे आंखों में जलन, सूजन और खुजली की परेशानी होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है। - डॉ़ अमित कटकवाल, नेत्र रोग विशेषज्ञ