बागपत। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को फरवरी में शुरू करने की तैयारी है। इसका कार्य पूरा हो चुका है और अब फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। इसका जल्द ही ट्रायल होगा और ट्रायल सफल होता है तो इसके उद्घाटन की तैयारी की जाएगी।
बागपत में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से सहारनपुर तक के दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के हिस्से का निर्माण चल रहा है। इसको पहले दिसंबर 2024 तक शुरू करने का दावा किया गया और फिर इसे दिसंबर 2025 में शुरू करने का दावा किया गया। यह दावा इसलिए पूरा नहीं हो सका, क्योंकि एक्सप्रेसवे का काफी कार्य बाकी था जो फरवरी तक पूरा होगा।
इसका अब मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे पर अग्रवाल मंडी टटीरी, मुजफ्फरनगर मार्ग पर बिजरौल समेत अन्य जगहों पर इंटरचेंज का निर्माण पूरा हो गया है। फ्लाईओवर को जोड़ने व स्लॉप के प्रोटेक्शन का कार्य भी हो चुका है। मवीकलां में मुख्य टोल बूथ का निर्माण भी इस महीने के आखिर तक होने की उम्मीद है तो अन्य फिनिशिंग का कार्य भी इस महीने में पूरा होने की बात कही जा रही है, इसलिए फरवरी में पहले सप्ताह में इसका ट्रायल शुरू हो सकता है, जो कई दिन तक चलेगा। ट्रायल सफल होने के बाद इसके उद्घाटन के लिए परिवहन मंत्रालय से समय लिया जाएगा और इसका उद्घाटन कर वाहनों के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाएगा।
इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से हो रही है और यह देहरादून में खत्म होगा। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक इसे एलिवेटेड बनाया गया है और आगे मिट्टी डालकर ऊंचाई पर बनाया गया है। इससे बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर के अलावा आसपास के जिलों व दिल्ली के लोगों को काफी फायदा होगा। दिल्ली से अभी तक देहरादून जाने में करीब छह घंटे लगते हैं और इसके शुरू होने से केवल ढाई घंटे में वहां पहुंच जाएंगे।
एलिवेटेड सड़क को एक दिसंबर को खोला गया
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के दिल्ली से खेकड़ा तक के हिस्से एलिवेटेड सड़क का निर्माण होने के बाद भी इसका उद्घाटन नहीं किया जा रहा था। इसका कारण यह था कि सहारनपुर तक के हिस्से के साथ ही इसका उद्घाटन करना था, लेकिन इसमें देरी होने पर एलिवेटेड हिस्से को एक दिसंबर को वाहनों के लिए खोल दिया गया था।
एक्सप्रेसवे का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अब फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। इसको खोलने की अभी तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन फरवरी में इसको खोलने की उम्मीद जताई जा रही है।
-नरेंद्र सिंह, परियोजना निदेशक एनएचएआई