बागपत के खेकड़ा में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे पर फैसले की घड़ी आ गई है। डीएम ह्दय शंकर तिवारी 31 अगस्त को इस पर फैसला देंगे। प्रभावित 11 गांवों के किसान नोएडा की तर्ज पर मुआवजे की मांग कर रहे हैं। देखने वाली बात यह होगी कि किसानों को इस बार कितनी राहत मिल पाती है।
एक्सप्रेस-वे हरियाणा के सोनीपत, फरीदाबाद, यूपी के बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर से गुजर रहा है। बागपत के किसानों को इसमें अधिगृहीत भूमि का मुआवजा मिल चुका है, लेकिन किसान नोएडा की तर्ज पर मुआवजे की मांग करते हुए आंदोलनरत है। खेकड़ा तहसील के 11, गाजियाबाद के 16 और नोएडा के 39 गांवों से होकर यह एक्सप्रेस-वे गुजरेगा।
हरियाणा में लगभग 135 किमी लंबा वेस्टर्न छोर कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस हाईवे का बड़ा भाग तो बनकर तैयार भी हो चुका है। जिले के किसानों ने शरफाबाद में कई माह कार्य रोककर धरना भी दिया। हाईवे अधिकारियों और जिला प्रशासन के आश्वासन पर कार्य शुरू तो हो गया, लेकिन कोई समाधान ना निकलने के कारण आंदोलन फिर सुलगने लगा है।
प्रभावित गांव
बागपत। जिले के बड़ा गांव, लहचौड़ा, गौना सहवानपुर, मुबारिकपुर, टुकाली आलमगीर, फुलैरा, सिंघोली तगा, सरफाबाद, मवी कलां और काठा समेत 11 गांव शामिल हैं।