भले ही प्रदेश की योगी सरकार बिजली उपभोक्ताओं के हित में काम कर रही हो, लेकिन इसके बावजूद भी निगम के कर्मचारी लगातार उपभोक्ताओं का उत्पीड़न करने में जुटे हैं। हाल ही में ऊर्जा निगम का एक कारनामा उजागर हुआ है, जिसमें एक मकान व एक कनेक्शन नंबर होने के बावजूद बिजली कर्मचारियों ने बिना जांच किए बिजली चोरी में पिता व उसके बेटे के खिलाफ अलग-अलग बिजली चोरी में मुकदमे दर्ज करा दिए हैं।
आपको बता दें कि बिजेन्द्र पुत्र वेदपाल ने अपने मकान पर बिजली आपूर्ति के लिए विभाग से एक बिजली कनेक्शन नंबर 9092918481 लिया था। जिस पर गत सिंतबर माह में बिजली विभाग की टीम ने छापेमारी कर बिजली चोरी होना दर्शाया और मनमानी करते हुए कनेक्शनधारक बिजेन्द्र की बजाए उसके बेटे गौरव के खिलाफ बिजली चोरी में मुकदमा दर्ज करा दिया और 15 सिंतबर को जुर्माना वसूलने के लिए गौरव को 45,453 रूपये का नोटिस भेजा।
आरोप है कि इस दौरान गौरव को डरा-धमकाकर कर्मचारी 15 हजार रुपये वसूल कर ले गए। इसके दो दिन बाद फिर बिजली विभाग की टीम उसी मकान व उसी कनेक्शन नंबर पर पहुंची और छापेमारी कर फिर से बिजली चोरी दर्शा दी और इस बार गौरव की बजाए उसके पिता बिजेन्द्र के खिलाफ बिजली चोरी में मुकदमा दर्ज कराया और 18 सितंबर को बिजेन्द्र के नाम 38416 का जुर्माना वसूलने के संबंध में नोटिस भेजा।
यानी एक कनेक्शन नंबर और एक मकान होते हुए भी बिजली कर्मचारियों ने मनमानी करते हुए अलग-अलग पिता व बेटे के खिलाफ बिजली चोरी में मुकदमा दर्ज कराया और अलग-अलग जुर्माना नोटिस भेजा। अब मामला उजागर हुआ तो निगम के अफसरों में हड़कंप मच गया। फिलहाल विभागीय अधिकारी मामले को दबाने में जुट गए हैं।
यदि ऐसा हुआ है तो यह गंभीर है। ऐसा संभव नहीं है कि एक मकान व एक कनेक्शन पर बिजली चोरी में दो अलग-अलग लोगों पर बिजली चाेरी में मुकदमा दर्ज किया जाए। इस मामले की जांच की जाएगी- केपी खान अधीक्षण अभियंता बागपत।