सर्वे के तहत आरपीएफ स्क्वायड को ट्रेनों में सफर करने वाली महिला यात्रियों से फॉर्म भरवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सर्वे फार्म में दस बिंदुओं पर सवाल पूछे गए। इनका जवाब सिर्फ हां या ना में देना था। साथ ही रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए अंक भी देने का फॉर्म में अनुरोध किया। इसमें 90 प्रतिशत महिला यात्रियों ने दस में से दस अंक दिए। पांच फीसदी ने 7 और 5 फीसदी ने 5 से 4 के बीच में अंक प्रदान किए।
एक साल में दर्ज हुआ मात्र एक मुकदमा
जीआरपी इंस्पेक्टर रणजीत सिंह ने बताया कि दिल्ली-सहानपुर रेल मार्ग पर करीब 26 अप-डाउन ट्रेन संचालित हैं। बताया कि एक साल में मात्र एक मुकदमा महिला संबंधी दर्ज हुआ है।
जीआरपी सीओ धर्मेंद्र यादव ने बताया कि रेलवे बोर्ड के निर्देश पर गत अप्रैल से सितंबर तक संयुक्त रूप से किए सर्वे में महिलाओं ने सुरक्षा को लेकर पॉटिजिव पक्ष रखा। अब महिलाएं ट्रेनों में सुरक्षित सफर कर रही हैं। हर समय ट्रेन में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जीआरपी वर्दी व सादी वर्दी में तैनात रहती है।
यह भी पढ़ें: Delhi Meerut Rapid: 147 दिन बाद दौड़ेगी देश की पहली रैपिड रेल, दुहाई डिपो में गुजरात से पहुंच चुके हैं दो रैक
फीडबैक फॉर्म में पूछे गए ये सवाल
- किसी भी प्रकार की असुविधा में सुरक्षाकर्मियों की तत्परता कैसी रही।
- बर्थ के भीतर सामान को सुरक्षित तरीके से बांधने के लिए तार था या नहीं।
- सुरक्षाकर्मियों का वार्तालाप और यूनिफार्म ठीक था या नहीं।
-क्या आपने यात्रा के दौरान खुद को सुरक्षित महसूस किया।
- क्या आपने यात्रा के दौरान किसी सुरक्षाकर्मी को तैनात देखा।
- क्या जीआरपी/आरपीएफ के पास शिकायत पत्र मौजूद है।
- क्या ट्रेन में कोई अवैध वेंडर या संदिग्ध व्यक्ति दिखा।
- सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रेलवे को कितने अंक देंगे।