- कोरोना संक्रमण के कारण आधी कर दी गई विद्यालयों की धारण क्षमता
- गत वर्ष तक परीक्षा केंद्रों के लिए विद्यालयों की धारण क्षमता 300 थी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। यूपी बोर्ड परीक्षा-2021 में केंद्रों का निर्धारण परीक्षार्थियों की निर्धारण क्षमता के आधार पर किया जाएगा। इस बार विद्यालयों की धारण क्षमता को 300 से घटाकर 150 कर दिया गया है। 150 परीक्षार्थियों की धारण क्षमता वाले विद्यालयों को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा।
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की तैयारी शुरू हो गई है। शासन ने केंद्र निर्धारण के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार केंद्र निर्धारण के लिए विद्यालयों की छात्रों की धारण क्षमता को कम किया गया है। पूर्ण में 300 परीक्षार्थियों की धारण क्षमता से कम के विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाता था, मगर इस बार परीक्षार्थी निर्धारण क्षमता 150 कर दी गई है। इसके अलावा जिन विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन विद्युत लाइन गुजर रही है, उनको भी परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक अंतरिक्ष कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार शासन ने केंद्र निर्धारण के लिए 150 परीक्षार्थियों की धारण क्षमता वाले विद्यालयों को परीक्षा केंद्र निर्धारित करने के निर्देश दिए है। पूर्व में परीक्षा केंद्र बनाने के लिए विद्यालयों की परीक्षार्थी धारण क्षमता तीन सौ निर्धारित थी।
10 फीट चौड़ा रास्ता होगा तो ही बनेगा परीक्षा केंद्र
बड़ौत। यूपी बोर्ड परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्र के बाहर 10 मीटर चौड़ा रास्ता होना अनिवार्य किया गया है। पहले परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए रास्ते होना अनिवार्य था लेकिन इस बार इस रास्ते की चौड़ाई भी 10 फीट होनी अनिवार्य कर दी गई है। शासकीय व अशासकीय सहायता प्राप्त स्कूलों को इस नियम में छूट दी गई है। इसके अलावा जिन स्कूलों के शिक्षण कक्ष की खिड़कियां मुख्य सड़क या पतली गलियों में खुली हों, उसे भी केंद्र नहीं बनाया जाएगा।