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स्वयं सहायता समूहों के आर्थिक सहयोग से पोषाहार उद्योग लगाने की तैयारी

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- एक उद्योग पर खर्च होगी 60 लाख रुपये की धनराशि
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- प्रत्येक ब्लॉक से 60 समूह के एक-एक लाख रुपये से उद्योग लगाया जाएगा।
- सहयोगी समूहों को दिया जाएगा लाभ का 80 फीसदी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। पुष्टाहार उत्पादन के जिले में लगने वाले उद्योग स्वयं सहायता समूहों के आर्थिक सहयोग से लगाए जाएंगे। एक उद्योग पर 60 लाख रुपये का बजट तैयार किया गया है। प्रत्येक ब्लॉक से 60 समूह के एक-एक लाख रुपये से उद्योग लगाया जाएगा। लाभ से 80 प्रतिशत धनराशि का भुगतान उद्योग लगाने के लिए धनराशि देने वाले समूहों को किया जाएगा।
शासन ने कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को वितरित किए जाने वाले पुष्टाहार का उत्पादन जिले में कराए जाने के निर्देश दिए थे। पुष्टाहार उत्पादन के लिए प्रत्येक ब्लॉक में 60 लाख रुपये की धनराशि से एक-एक उद्योग लगाने की योजना तैयार की गई थी। संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह को दी जाएगी। प्रत्येक ब्लॉक से 60 स्वयं सहायता समूह का चयन किया जाएगा। इन चयनित समूह से उद्योग लगाने के लिए एक-एक लाख रुपये की व्यवस्था की जाएगी।
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उद्योग में काम करने वाली महिला को मिलेंगे आठ हजार
बागपत। पुष्टाहार उत्पादन उद्योग में काम करने वाली महिलाओं को प्रति माह आठ हजार रुपये का भुगतान कराया जाएगा। एक उद्योग में 114 महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। जिले के छह ब्लॉक में 684 महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
महिलाओं को दिया जा चुका है प्रशिक्षण
बागपत। जिले में लगने वाले उद्योगों के संचालन के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अलावा 30 व 31 अक्तूबर को महिलाओं को लखनऊ में प्रशिक्षण दिया गया था।
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वीडियो कांफ्रेंस में प्रमुख सचिव ने उद्योग लगाने के लिए 60 समूह का चयन कर प्रत्येक समूह से एक-एक लाख रुपये के आर्थिक सहयोग के निर्देश दिए थे। हालांकि शासन स्तर से अभी तक इस बारे में लिखित में कोई शासनादेश जारी नहीं किया गया है। शासन के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। - शाह फैसल अंसारी, जिला मिशन प्रबंधक।
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