आयकर आयुक्त (मेरठ) अंजलि तिवारी ने बताया जिन लोगों ने चालू वित्त वर्ष के अतिरिक्त पूर्व के किसी भी वर्ष में अपनी किसी कर योग्य आय का कर नहीं दिया है अथवा उसके पास ऐसी कोई भी संपत्ति है जो उसने अघोषित आय से प्राप्त की है तो ऐसे करदाता केंद्र द्वारा चलाई जा रही आय घोषणा का लाभ उठा सकते हैं और अपनी इस तरफ की संपत्ति की घोषणा कर सकते हैं।
वे मंगलवार को होटल सागर पैलेस में बागपत जनपद के विभिन्न व्यापारिक संगठनों, चिकित्सकों, बिल्डरों, उद्यमियों, शिक्षण-संस्थाओं की आयोजित बैठक में बोल रही थी। उन्होंने बताया भौतिक आय पर कुल 45 प्रतिशत कर देना होगा। इसमें 30 प्रतिशत आयकर के अतिरिक्त 7.5 प्रतिशत कृषि कल्याण और 7.5 प्रतिशत पैनाल्टी शामिल है।
उन्होंने बताया आय की घोषणा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2016 और टैक्स जमा करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2016 है। आय की घोषणा प्रपत्र एक में करनी है। इस प्रकार आय घोषित करने वाले करदाता को कुल 45 प्रतिशत टैक्स के अतिरिक्त अन्य कोई कर, ब्याज, पैनाल्टी आदि नहीं देनी है। नहीं तो उसके उक्त आय के स्त्रोत के बारे में पूरी जानकारी देनी है।
उन्होंने बताया योजना का लाभ व्यक्ति एचयूएफ, कंपन्नी, फर्म, एपीओ आदि सभी उठा सकते हैं। टैक्स की दर सभी के लिए 45 प्रतिशत होगी। उन्होंने बताया जिन व्यक्ति को किसी कर निर्धारण वर्ष के लिए किसी भी प्रकार की स्क्रुटनी संबंधित नोटिस जारी किया गया है अथवा किसी के यहां सर्च और सर्वे हुआ है तो आय की घोषणा उस वर्ष के लिए नहीं की जा सकती है।
उन्होंने बताया विभाग को विभिन्न व्यक्तियों द्वारा किए लेनदेन और निवेश की विभिन्न स्त्रौतों की सूचना प्राप्त होती रहती है। इसका डाटा बेस तैयार किया जाता है। यदि ऐसे डाटा बेस के अथवा अन्य किसी भी आधार पर भविष्य में किसी के पास अघोषित आय अथवा संपत्ति पाई जाती है तो उस पर उसे भविष्य के तिथि के मूल्य के आधार पर उसी वित्त वर्ष में कर लगाया जाएगा।
साथ ही उसे उस वर्ष में लागू ब्याज, पैनाल्टी आदि भी देनी होगी। बैठक का संचालन आयकर अधिकारी बड़ौत एनपी तिवारी ने किया। हिमांशु मीना, डॉ. दिनेश बंसल, रविंद्र वर्मा, प्रदीप जैन, सुखपाल, आनंद तोमर, राकेश जैन, राजीव जैन सीए, सुनील जैन, अतुल जैन, योगेश जिंदल, रायचंद जैन, प्रवीण जैन आदि उपस्थित रहे।