बागपत। चमरावल के स्कूल में छात्र आयुष की मौत के बाद शहर से लेकर गांव के हर स्कूल की जांच शुरू करा दी गई है। जहां पहले 50 टीमों को जांच के लिए लगाया गया था, वहीं अब दो टीमें बढ़ा दी गई है। शहरी क्षेत्र में नगर पालिका व पंचायत तो ग्रामीण क्षेत्र में पटवारी, कानूनगो, सचिव तक की ड्यूटी जांच के लिए लगाई गई है।
स्कूलों की जांच के लिए अलग-अलग टीमों को लगाया गया है। वह टीमें जब अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी तो उनका मिलान कराया जाएगा कि शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त स्कूल कितने है और टीमों ने कितने स्कूलों की रिपोर्ट सौंपी है। इसके बाद उस आधार पर भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिन स्कूलों की मान्यता है, उनकी सूची भी बागपत की वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाएगी। इसका यह फायदा होगा कि अपने बच्चों का किसी भी स्कूल में प्रवेश कराने से पहले अभिभावक जांच कर सकते है कि उसकी मान्यता है या नहीं। इसके अलावा स्कूलों को मान्यता का प्रमाण पत्र अपने नोटिस बोर्ड पर चस्पा करना जरूरी होगा। ऐसा नहीं करने पर स्कूल पर कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल को मान्यता देने में समिति ने आंख बंद करके किए हस्ताक्षर
शिक्षा विभाग में मान्यता को लेकर खेल चल रहा है और इसका खुलासा रॉयल कान्वेंट स्कूल में घटना के बाद हो गया है। किस तरह से नियमों को पूरा किए बिना ही स्कूलों को मान्यता मिल रही है। इसे देखते हुए ही डीएम राजकमल यादव ने स्कूल को मान्यता की फाइल तलब की है। उस स्कूल को मान्यता के लिए पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी रंजन कुमार गुप्ता ने रिपोर्ट लगाई थी। इसके बाद मान्यता देने वाली समिति ने खुद जांच किए बिना फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए। इस तरह से स्कूल को गलत मान्यता देने में सभी जिम्मेदार है। इस समिति में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी होते है। डीएम राजकमल यादव ने कहा कि स्कूल को मान्यता देने वाली समिति के सभी सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। क्योंकि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल को मान्यता कैसे दी गई। वहीं बारहवीं तक की कक्षाएं चलने पर डीआईओएस पर भी सवाल उठने लगे है कि आखिर वह कभी जांच करने के लिए स्कूल तक क्यों नहीं पहुंचे।
अभिभावकों को धोखा देकर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़
डीएम राजकमल यादव ने कहा कि इस तरह से बिना मान्यता के स्कूलों में अभिभावकों को धोखा देकर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जाता है। इसलिए अभिभावकों को बच्चे का दाखिला कराने से पहले स्कूल की मान्यता की जांच कर लेनी चाहिए। इसके साथ ही वहां सुविधाओं को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई स्कूल मान्यता होने की बात कहता है और वहां सुविधाएं नहीं है तो उसकी भी शिकायत कर सकते है।
इन फोन नंबरों पर करें शिकायत
डीएम राजकमल यादव ने कहा कि गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों की सूचना देने के लिए दो फोन नंबर जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि 7310530478, 9068530478 पर सुबह दस बजे से पांच बजे तक सूचना दी जा सकती है। सूचना देने वाले का नाम, पता गोपनीय रखा जाएगा।