फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बोर्ड परीक्षा में लगाया 100 से अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का पूरा स्टाफ

विज्ञापन
विज्ञापन
- शिक्षकों की ड्यूटी में संशोधन न होने पर बंद करने पड़ सकते है विद्यालय
विज्ञापन

- ड्यूटी में संशोधन कराने के लिए बीएसए ने जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजी शिक्षकों की सूची
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। 24 मार्च से शुरू हो रही यूपी बोर्ड की परीक्षा में 100 से अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के पूरे स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई है। शिक्षकों की ड्यूटी में संशोधन न होने पर विद्यालयों को बंद करना पड़ सकता है। इससे स्कूलों में दो साल बाद हो रही वार्षिक परीक्षा प्रभावित हो सकती है। बीएसए ने जिला विद्यालय निरीक्षक को ड्यूटी में संशोधन करते हुए एक स्कूल के अधिकतम 50 प्रतिशत स्टाफ की ही ड्यूटी परीक्षा में लगवाने के लिए शिक्षकों की सूची भेजी है।
बोर्ड परीक्षा में पारदर्शिता बनाने के लिए इस बार कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से ऑनलाइन की गई है। कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति के लिए माध्यमिक, राजकीय और बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों का ब्यौरा परिषद की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड कराया गया था। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से 100 से अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का पूरा स्टाफ को कक्ष निरीक्षक नियुक्त कर दिया गया है। शिक्षकों की बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगने से विद्यालयों में बंद करना पड़ सकता है, जिससे हजारों छात्रों की परीक्षा भी प्रभावित हो सकती है।
विज्ञापन

1210 में 611 बेसिक के शिक्षकों की लगाई ड्यूटी
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से सोमवार को कक्ष निरीक्षकों की सूची में संशोधन कर 1210 कक्ष निरीक्षकों की सूची जारी की गई थी। इनमें से 611 कक्ष निरीक्षक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को नियुक्त किया गया है।
प्रधानाध्यापकों को भी बना दिया कक्ष निरीक्षक
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राकेश यादव ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषदने विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी कक्ष निरीक्षक नियुक्त कर दिया है। इससे स्कूल बंद हो जाएंगे और बच्चों की वार्षिक परीक्षा बीच में ही अटक जाएगी।
शिक्षक संघ ने भी उठाई मांग
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राकेश यादव व जिला मंत्री राजकुमार शर्मा और पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विकास मलिक ने बीएसए व जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन देकर बोर्ड परीक्षा में 60 प्रतिशत स्टाफ को छोड़कर अन्य शिक्षकों की ड्यूटी लगाने की मांग की है।
यूपी बोर्ड परीक्षा में 100 से अधिक विद्यालयों के पूरे स्टाफ की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक में लगा दी है। इससे विद्यालयों को बंद करना पड़ सकता है और बच्चों की वार्षिक परीक्षा प्रभावित हो सकती है। जिला विद्यालय निरीक्षक को शिक्षकों की ड्यूटी में संशोधन कराने के लिए सूची भेजी गई है। - राघवेंद्र सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन

परिषद की ओर से कुछ प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का पूरा स्टाफ बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी में लगा दिया गया है। शिक्षकों की ड्यूटी में संशोधन कराने के लिए बोर्ड को जानकारी दे दी है। - रवींद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें