उद्यमों को मिलेगी संजीवनी, प्रवासियों को रोजगार
बागपत, बड़ौत। प्रधानमंत्री ने अर्थव्यवस्था के लिए 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज देने का ऐलान किया है। उद्यमी मान रहे हैं कि शहर और गांव में रोजगार दिलाने में कुटीर और छोटे उद्योग के लिए दी जाने वाली यह मदद बड़ी संख्या में प्रवासी लोगों की आजीविका के नए रास्ते तैयार करेगा। उद्यमों को भी संजीवनी मिलेगी।
उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अरुण तोमर उर्फ बोबी उद्यमों को ऑक्सीजन देने की अधिक जरूरत है। सभी उद्यम वेंटिलेटर पर पड़े हैं। राहत पैकेज की दरकार है। पीएम के एलान में राहत पैकेज की रूपरेखा सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
पश्चिमी उप्र संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल प्रदेश संगठन मंत्री नवीन जैन बब्बल का कहना है कि उद्योगों की हालत सुधारने के लिए सरकार का सहारा जरूरी है। मदद मिलेगी तो रोजगार के नए अवसर भी तैयार होने की उम्मीद बढ़ेगी। लोगों को संक्रमण से बचने के लिए अनुशासित रहना पड़ेगा।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के जिला कोआर्डिनेटर डॉ. योगेश जिंदल का कहना है कि उद्यमों की सुध लेने पर प्रधानमंत्री को साधुवाद कि उद्यमियों का लगातार निवेदन सुनकर उन्होंने प्रतिक्रिया दी। इस पैकेज से जिलों के उद्यमों की स्थिति में सुधार आएगा।
हीरो इंडस्ट्रीज से अमर चंद जैन व रबर इंडस्ट्रीज से विजय जैन का कहना है कि सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योगों के लिए प्रधानमंत्री द्वारा राहत पैकेज की घोषणा से आशा का संचार हुआ है। राहत की दरकार और इंतजार है। कहा कि किसी भी शहर का रोजगार और मूल अर्थव्यवस्था सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों पर ही टिकी होती है।
उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अरूण तोमर उर्फ बोबी- फोटो : BARAUT
रबर इंडस्ट्रीज के उधमी विजय जैन- फोटो : BARAUT
डा योगेश जिंदल- फोटो : BARAUT