बड़ौत (बागपत)। शासन के आदेशों के बावजूद अब तक सभी तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त नहीं किया जा सका है। तहसील क्षेत्र में अभी भी 177 तालाबों पर अतिक्रमण हैं। अधिकारी भी शासन के आदेशों का पालन कराने के लिए गंभीर नहीं दिखाई दे रहे है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तहसील के आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में 817 तालाब हैं। इनमें से कुछ मछली पालन के लिए छोड़े गए हैं। 177 तालाबों पर अभी भी अतिक्रमण है। बड़ौली, बिजरौल, हिलवाड़ी, ककड़ीपुर, मलकपुर, हेवा, तुगाना, पुट्ठी, तेड़ा, मलकपुर, बड़ावद आदि गांवों में स्थिति ज्यादा खराब है। ग्रामीण कई बार तहसील अधिकारियों से तालाबों से अतिक्रमण हटवाने की मांग भी कर चुके है, लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। कहना है कि अधिकारी शासन के आदेशों का पालन कराने के लिए गंभीर नहीं है। इससे ग्रामीणों को कई दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। पानी की निकासी न होने के कारण गलियों में पानी भरा रहता है। बरसात के दिनों में तो स्थिति और भी खराब हो जाती है।
इस संबंध में तहसीलदार प्रदीप कुमार का कहना है कि तहसील क्षेत्र में अभी भी कई तालाबों पर अतिक्रमण है। उनके खिलाफ धारा 67 और 122 बी की कार्रवाई की जा रही है। कुछ पर तो यह कार्रवाई कर दी गई है। कई तालाबों को अतिक्रमण मुक्त भी कराया गया है।