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बागपत में बुजुर्ग की हत्या: कुल्हाड़ी और फरसे से किए आठ वार, पास ही पड़ी थी कटी अंगुली व शराब की खाली बोतलें

Mon, 05 Oct 2026 08:54 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बागपत

सार

Baghpat News: छछरपुर गांव के जंगल में नलकूप पर बुजुर्ग इंद्र की हत्या कर दी गई। उनका खून से लथपथ शव पड़ा मिला। एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आश्वासन दिया कि हत्यारों को जल्द ही पकड़ा जाएगा। 
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बुजुर्ग इंद्र की फाइल फोटो और उनका नलकूप का कमरा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बड़ौत स्थित छछरपुर गांव के डीडीए के सेवानिवृत्त कर्मी चंद्रपाल के अविवाहित चाचा इंद्र (92) की रविवार देर रात नलकूप पर कुल्हाड़ी और फरसे से आठ वार करके हत्या की गई। सोमवार सुबह खून से लथपथ उनका शव नलकूप के पास पड़ा मिला। पास में ही हाथ की कटी हुई अंगुली और थोड़ी दूर शराब की खाली बोतलें भी मिलीं। उनके भतीजे चंद्रपाल की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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घर में गमजदा महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
छछरपुर गांव के रहने वाले किसान विवेक ने बताया कि सोमवार सुबह करीब छह बजे गूंगाखेड़ी मार्ग पर स्थित खेत में काम करने आया था। गूंगाखेड़ी-छछरपुर मार्ग स्थित नलकूप के पास खेत में खून से लथपथ पड़ोसी किसान इंद्र का शव पड़ा हुआ दिखाई दिया। शव देखते ही उसने इंद्र के परिवार वालों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद खेत में लोगों की भीड़ लग गई। सूचना मिलने पर आए पुलिसकर्मियों ने शव को कब्जे में लेकर घटनास्थल पर जांच-पड़ताल की।

हाथ से रोका फरसे का वार, तो कटी अंगुली
बुजुर्ग इंद्र के सिर, चेहरे, हाथ पर कुल्हाड़ी और फरसे के कई वार किए गए थे। वार करते हुए हाथ से रोकने के प्रयास में उनकी एक अंगुली भी कट गई, जो पास में ही पड़ी मिली। पुलिस ने रात में नलकूप पर आने वाले लोगों की जानकारी भी जुटाई और शक के आधार पर कई से पूछताछ भी की। वहीं एसपी सूरज कुमार राय ने भी मौके पर पहुंचकर लोगों से बातचीत की।
प्रधान विक्रांत तोमर ने बताया कि इंद्र तीन भाइयों में दूसरे नंबर के और अविवाहित थे। उनके भाई लक्ष्मण और सेवानिवृत्त सैनिक तारा की पहले मौत हो चुकी है। इंद्र करीब 35 साल से नलकूप पर रहकर अपनी 30 बीघा जमीन पर खेतीबाड़ी करते थे। उनकी देखभाल भतीजा चंद्रपाल करता था, जो डीडीए से सेवानिवृत्त माली है।
 

हत्या के बाद पीछे वाले खेत के रास्ते भागे आरोपी, तलाश में लगी पांच टीमें
प्रधान विक्रांत तोमर ने बताया कि किसान इंद्र करीब 35 साल पहले घर छोड़कर नलकूप पर रहने लगे थे। बुजुर्ग गांव में भी कम ही आते-जाते थे और न ही उनका किसी से कोई विवाद चल रहा था। खेत में उनका खाना भी भतीजे का परिवार पहुंचाता था।
पोस्टमार्टम होने के बाद किसान का गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बुजुर्ग किसान के सिर पर चार, मुंह से होते हुए गर्दन तक एक वार, हाथ समेत अन्य जगह आठ वार हुए मिले। मुंह से लेकर पीछे गर्दन पर किया गया एक वार ही ऐसा है, जो काफी गहराई तक घुसा हुआ है। 
 

चारपाई पर बिछे थे कपड़े, लाठी भी पड़ी मिली
घटनास्थल पर पहुंचे लोगों ने बताया कि जिस चारपाई पर इंद्र सोते थे, उस पर कपड़े बिछे हुए थे, जो नलकूप के गेट के सामने बिछी हुई थी। उससे कुछ दूरी पर इंद्र का शव और लाठी भी पड़ी हुई थी, जिसका सहारा लेकर वे चलते थे। आशंका जताई जा रही है कि बुजुर्ग रात में चारपाई पर कपड़े बिछाकर सोने की तैयारी कर रहे थे या फिर सो गए थे। उसी समय हमलावरों ने घटना को अंजाम दिया।
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ये बोले एसपी
किसान की हत्या के मामले की जांच कई बिंदुओं पर शुरू कर दी गई है, जिसका खुलासा करने के लिए पांच टीमें लगाई गई हैं। शक के आधार पर कई से पूछताछ भी की गई। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा। 
-सूरज कुमार राय, एसपी।

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