महाभारत कालीन चित्रित धूसर मृतभांड मिले
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बागपत के बड़ौत में शहजाद राय शोध संस्थान की तरफ से जनपद बागपत के पुरातात्विक सर्वेक्षण के दौरान गांव असारा में मौजूद रेहड़ा टीला से प्राप्त प्रमाणों के आधार पर क्षेत्र में महाभारत काल में भी मानव बस्ती की आबादी रही है।
संस्थान के निदेशक अमित राय जैन ने बताया दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के शोध से जुड़े विद्यार्थियों को संस्था में पंजीकृत कर तहसील बड़ौत का पुरातात्विक सर्वेक्षण गांव दर गांव स्तर पर कराया जा रहा है। उन्होंने बताया बृहस्पतिवार को शोध सर्वेक्षण के लिए गांव असारा में पुरातात्विक स्थल से चित्रित धूसर मृदभांड के खंडित अवश्ेाष प्राप्त हुए, प्राप्त अवशेषक्षेत्र की संस्कृति और सभ्यता को करीब चार से पांच हजार वर्ष प्राचीन सिद्ध करते हैं। उन्होंने बताया हस्तिनापुर में प्रथम बार प्राप्त चित्रित धूसर मृदभांडों के प्रमाणों के गांव असारा के प्रमाण मेल खाते हैं।
जैन ने दावा किया गांव असारा से प्राप्त पुरावशेष को आधार मानकर यदि उत्खनन किया जाता है तो महाभारत की संस्कृति से जुड़ा एक ओर सभ्यता स्थल विश्व के सामने होगा। उन्होंने बताया शोध से जुड़े विद्यार्थियों में हर्ष देव तोमर भी शामिल रहे और असारा से प्राप्त पुरावशेषों की विस्तृत रिपोर्ट भारतीय पुरातन सर्वेक्षण विभाग को भेजी जाएगी।