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दूध नहीं मिलने पर बच्चों के नाम कटवाए

Thu, 27 Aug 2015 12:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजला, अमीनगर सराय (बागपत)
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फतेहपुर गांव के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को स्कूल में 98 बच्चों की पूर्ति छह किलो दूध में कर दी गई। एक अभिभावक ने दूध नहीं मिलने पर क्षुब्ध होकर अपने तीन बच्चों के स्कूल से नाम कटवा दिए।
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घटिया मिड-डे मील मिलने पर बच्चों के अभिभावकों ने जमकर हंगामा भी किया। अभिभावकों की स्कूल के इंचार्ज से तीखी नोकझोंक भी हुई।

अभिभावकों ने बताया कि गांव के प्राथमिक विद्यालय में 32 तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय में 66 छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं। बुधवार को उच्च प्राथमिक में 37 बच्चों को ही दूध वितरित किया गया, जबकि प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को दिए जाने वाले दूध की गुणवत्ता सहीं नहीं थी।

अभिभावकों का आरोप है कि छह किलो दूध में दोनों विद्यालयों के बच्चों की पूर्ति कर दी गई है। इसके अलावा स्कूल में बच्चों को समय पर भोजन वितरित नहीं किया जाता है।  बुधवार को करीब 11.15 बजे तक बच्चों को मिड डे मील वितरित नहीं किया गया था। मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर अभिभावकों की स्कूल के इंचार्ज सुरेश कुमार से नोकझोंक भी हुई।
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अभिभावक रामकुमार ने दूध नहीं मिलने पर अपने तीन बच्चों गोलू, भुरु और कालू का नाम भी स्कूल से कटवा दिया। वहीं, उच्च प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज सुरेश कुमार ने कहा कि कुछ बच्चों ने दूध पीने से मना कर दिया था। शेष बच्चों के लिए 12 किलो दूध लाया गया था।

स्कूल में हंगामा करने वालों में संजय, रमेश, राजेंद्र, राजकुमार, वीरेंद्र आदि मौजूद रहे। उधर, हमीदाबाद के ग्राम प्रधान के पति मुकेश शर्मा ने गांव के प्राथमिक स्कूल के प्रधानाचार्य पर 70 बच्चों में सात लीटर दूध वितरित कराने का आरोप लगाया है।

इस बारे में जिला समन्वयक फैजान शैरफ ने बताया कि मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की ओर से बुलंदशहर डीआईओएस रामज्ञा सिंह को जिले का नोडल बनाया गया है। बुधवार को नोडल अधिकारी ने हमीदाबाद के अलावा खेकड़ा व पिलाना ब्लॉक के विद्यालयों में निरीक्षण किया था। हमीदाबाद के विद्यालय में दूध वितरण में कोई भी अनियमितता नहीं मिली।

जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी : एडीएम
बागपत। अपर जिलाधिकारी राकेश कुमार मालपाणी का कहना है कि अभिभावकों की अभी उन्हें शिकायत नहीं मिल सकी है। उन्होंने कहा कि यदि दूध और भोजन के चलते बच्चों का नाम कटवाया गया है, तो बेसिक शिक्षा अधिकारी से जांच कराकर इस मामले में कार्रवाई कराई जाएगी।
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