बड़ौत। अल्लाह की रहमत के माह-ए-रमजान में एक ओर जहां घरों में इबादत चल रही है वहीं सभी पर अल्लाह की बरकत बरसे, इसकी दुआ रोजेदार कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण के चलते रोजे के 21वें दिन मंगलवार को रोजेदारों ने घरों में ही नमाज पढ़ी। साथ ही रोजेदारों ने अल्लाह से कोरोना मुक्ति की दुआ की।
नगर की फूंसवाली मस्जिद के शाही इमाम आरिफ उल हक ने कहा कि रमजान के दूसरे अशरे का समापन हो गया है। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए घरों में इबादत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस्लाम के पांच आधार में एक जकात है।रमजान में जकात देने का ज्यादा सवाब है। इस महीने पढ़ी जाने वाली नमाजों का भी सवाब 70 फीसदी अधिक मिलता है। गरीब, मजदूर, यतीम व मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को जकात देने से सवाब मिलता है।