बागपत शहर में कई जगह लगवाए गए पौधे उचित देखभाल के चलते सूख गए हैं। पालिका का कहना है कि शरारती तत्व पौधों को उखाड़ देते हैं। पालिका ऐसे लोगों के सामने बेबस है। ईओ का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
पर्यावरण शुद्ध करने के लिए सरकारी और गैर सरकारी संस्थाएं पौधरोपण करती हैं। नगर पालिका ने शहर में कई जगह पौधरोपण कराया था, लेकिन शरारती तत्वों ने इन पौधों को उखाड़ दिया।
उचित देखभाल के अभाव में अधिकतर पौधे सूख गए हैं। यमुना घाट पर जितने भी पेड़ लगाए गए थे, वे सूख गए हैं। हाईवे किनारे के पेड़ों का कटान भी किया जा रहा है।
वन विभाग अदूरदर्शी रवैया अपनाए हुए हैं। ईओ बागपत सुदर्शन चंद्रा का कहना है कि इन पौधों में पानी देने के लिए महिला कर्मियों की ड्यूटी लगाई हुई है। पौधे किसने तोड़े, इसकी जांच कराई जाएगी।
बच्चों की तरह करें पौधों की देखभाल
बागपत। डीएम हृदय शंकर तिवारी ने कहा कि वृक्ष संजीवनी के रूप मे आक्सीजन प्रदान करते हैं। बिना ऑक्सीजन के मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। पर्यावरण दिवस के मौके पर डीएम ने कैंप कार्यालय के बाहर पौधारोपण किया।
उन्होंने कहा कि वृक्षों के अंधाधुंध कटान से प्राकृतिक आपदाओं को झेलना पड़ रहा है। एक पेड़ की सुरक्षा बच्चों की तरह करनी चाहिए। छायादार और फलदार पौधे अधिक संख्या में लगाए जाने चाहिए।
जुलाई माह में बागपत को एक लाख 27 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। इसकी तैयारी की जा रही है। जल्द ही शासन की ओर से इसकी तिथि की घोषणा कर दी जाएगी।
उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि पौधे लगाने से पर्यावरण तो बचेगा ही भविष्य की पीढ़ियों के सामने भी कोई संकट नहीं रहेगा। आमजन इसमें सहयोग प्रदान करें। अपने घरों के आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाएं। उधर, अन्य कई जगह भी पौधारोपण कार्य किया गया।