दोघट (बागपत)। कस्बा टीकरी में सोमवार को वेदप्रकाश की बेटी की शादी में न बैंड बजा और न बरात चढ़ी। पांच लोगों के साथ दुल्हन लेने के लिए दूल्हा कुलदीप टीकरी पहुंचा। महज 17 मिनट में विवाह की रस्में पूरी कर दी गई। वेदप्रकाश दास की बेटी की अनोखी शादी की चर्चा क्षेत्र में खूब हो रही है।
कस्बा टीकरी के वेदप्रकाश दास की पुत्री निवासी प्रिया का विवाह सरुरपुर कलां गांव के कुलदीप के साथ तय हुआ था। शादी के लिए सोमवार का दिन तय हुआ था। सरुरपुर कलां से कुलदीप बिना बैंडबाजा और बरात के अपनी दुल्हन लेने के लिए पांच लोगों के साथ कस्बा टीकरी पहुंचा। दूल्हा और दुल्हन ने एक-दूसरे को संत रामपाल दास की किताब भेंट की। इसके बाद संत रामदास की गुरुवाणी की वीडियो चलाकर महज 17 मिनट में बिना दहेज की इस शादी की रस्में पूरी कर दी गई। इस तरह सादगी और दहेज रहित शादी कर कुलदीप ने एक नई मिसाल कायम की है। क्षेत्र में प्रिया और कुलदीप की शादी की जमकर चर्चा हो रही है। कुलदीप दास ने बताया कि वह संत रामपाल दास के दृढ़ संकल्पित शिष्य है। उनका हरियाणा के हिसार में आश्रम है। वह दहेज प्रथा के सख्त खिलाफ थे। उनकी शिक्षा के आधार पर सोमवार को उन्होंने दहेज रहित शादी की है । इसमें अंकित दास, जितेंद्र दास, लवकुश दास, गौरव दास, देवेंद्र, प्रमोद, मनोज, विकास, सावन, विशाल आदि मौजूद रहे।