ग्रामीणों ने बताया कि गली में कुत्तों की संख्या बढ़ रही है और घरों की छतों पर बंदरों का आतंक भी बढ़ता जा रहा है। कई बार नगर पालिका को शिकायत की गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। प्रभावित लोगों ने बताया कि कुत्तों और बंदरों के हमले बच्चों और वृद्धों के लिए भी खतरा बन गए हैं।
सीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कुत्तों और बंदरों को पकड़वाने के लिए अभियान चलाया जाएगा और नगर निकायों व ग्राम पंचायतों को पत्र भेजा गया है। इसका उद्देश्य लोगों को राहत देना और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है।