बागपत। जिलेभर के चिकित्सकों व फार्मासिस्टों ने सोमवार को काली पट्टी बांधकर दो घंटे कार्य किया। अब मंगलवार अस्पताल तीन घंटे के लिए खुलेगा और दो घंटे का चिकित्सक व फार्मासिस्ट कार्य बहिष्कार कर आंदोलन शुरू करेंगे। उनके कार्य बहिष्कार से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और उन्हें दो घंटे तक उपचार नहीं मिलेगा।
जिला अस्पताल के सीएमएस, चिकित्सक व फार्मासिस्ट पर दर्ज प्राथमिकी खत्म नहीं होने के विरोध में जिला अस्पताल, सभी सीएचसी व पीएचसी पर शनिवार को चिकित्सकों, फार्मासिस्टों ने काली पट्टी बांधकर कार्य शुरू किया था, जो सोमवार को भी जारी रहा। उन्होंने पुलिस से सीएमएस डॉ. अनुराग वार्ष्णेय, चिकित्सक डॉ. विक्रांत चौबे व फार्मासिस्ट मोहित त्यागी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी निरस्त करने की मांग की।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार गर्ग ने कहा कि यदि पुलिस प्राथमिकी निरस्त नहीं करती है तो मंगलवार को दो घंटे का कार्य बहिष्कार रहेगा। बृहस्पतिवार से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार कर आंदोलन शुरू किया जाएगा। यदि जरूरत पड़ी तो प्रदेशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। चिकित्सकों के आंदोलन से खींचतान बढ़ती दिख रही है।
-मरीजों को उठानी पड़ेगी परेशानी
चिकित्सकों व फार्मासिस्टों की हड़ताल से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि मंगलवार को केवल तीन घंटे के लिए जिला अस्पताल में ओपीडी होगी। उसमें भी दो घंटे का कार्य बहिष्कार होगा तो मरीजों की परेशानी बढ़ेगी। ऐसे में अस्पताल खुलने का कोई फायदा नहीं होगा।
-यह था मामला
भाकियू के एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा की पत्नी सुंदरी देवी को सांप के डसने पर जिला अस्पताल में 4 नवंबर 2025 को भर्ती कराया था, उनका आरोप था कि उनकी पत्नी के उपचार में लापरवाही बरती गई और उनकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने सीएमएस, चिकित्सक व फार्मासिस्ट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।