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Baghpat News: पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम, चिकित्सक और फार्मासिस्ट हड़ताल पर जाएंगे

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बागपत। जिला अस्पताल के सीएमएस, चिकित्सक व फार्मासिस्ट पर दर्ज प्राथमिकी खत्म नहीं होने पर मंगलवार को चिकित्सकों व फार्मासिस्टों की बैठक हुई। इस दौरान पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया और कहा गया कि यदि प्राथमिकी निरस्त नहीं की जाती तो सभी हड़ताल पर चले जाएंगे। सभी 17 अक्तूबर से काली पट्टी बांधकर विरोध करेंगे और इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
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जिला अस्पताल में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ व डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें प्रदेश अध्यक्ष डॉ. यशवीर सिंह ने कहा कि पुलिस ने गलत तरीके से सीएमएस डॉ. अनुराग वार्ष्णेय, चिकित्सक डॉ. विक्रांत चौबे व फार्मासिस्ट मोहित त्यागी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। प्राथमिकी दर्ज होने से स्वास्थ्य कर्मियों में रोष बढ़ता जा रहा है। कई बार पुलिस विभाग के अफसरों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन आश्वासन के बावजूद अभी तक भी प्राथमिकी निरस्त नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया जाता है और यदि प्राथमिकी निरस्त नहीं की जाती है तो जिले में ही नहीं, बल्कि प्रदेशभर में स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल कर आंदोलन शुरू करेंगे। यह आंदोलन उस समय तक चलेगा, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता। उन्होंने कहा कि 72 घंटे बाद 17 से 19 अक्तूबर तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रकट किया जाएगा।
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20 से 22 अक्तूबर तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार व 23 से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार कर आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान डॉ. विजय कुमार, डॉ. सत्येंद्र प्रकाश शर्मा, डॉ. सुधीर शर्मा, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. मोहम्मद ताहिर हसन, डॉ. श्रवण कुमार, ओमवीर सिंह और मुकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।

एनएचएम कर्मी, सीएचओ और आशा कार्यकर्ताओं की चल रही हड़ताल
जिले में सबसे पहले सीएचओ कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर चले गए थे। इसके बाद एनएचएम के कर्मियों व आशा कार्यकर्ताओं ने हड़ताल शुरू कर दी। उनकी हड़ताल के कारण जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है और मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि अब चिकित्सक व फार्मासिस्ट हड़ताल पर चले गए तो जिले के लोगों को उपचार के लिए भटकना पड़ेगा।

सात दिन चली वार्ता, नहीं निकला कोई निष्कर्ष
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. यशवीर सिंह ने वार्ता से समाधान निकालने के लिए चार सदस्य कमेटी का गठन किया था। सात दिन तक भाकियू के एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा से वार्ता चली, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका था। भाकियू नेता ने समझौता करने से मना कर दिया था। जब समाधान नहीं निकला तो चिकित्सकों व फार्मासिस्टों ने बैठक कर आंदोलन का निर्णय लिया।

यह था पूरा मामला
भाकियू के दिल्ली एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा की पत्नी सुंदरी देवी को चार नवंबर 2025 में घर में सांप ने डस लिया था। उनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया तो वहां उपचार किया गया, लेकिन कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई थी। आरोप लगाया गया कि गलत उपचार के कारण उनकी मौत हुई है।

प्राथमिकी निरस्त हुई तो भाकियू करेगी प्रदेश भर में आंदोलन
भाकियू के एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा ने कहा कि चिकित्सकों व फार्मासिस्टों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी यदि निरस्त होती है तो जिलेभर में ही नहीं, बल्कि प्रदेश भर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। चिकित्सकों व फार्मासिस्ट की लापरवाही के कारण पत्नी सुंदरी देवी की मौत हुई थी। प्राथमिकी निरस्त करने पर यह आंदोलन चिकित्सकों के खिलाफ नहीं फिर पुलिस के खिलाफ भी किया जाएगा। उनका धरना एसपी आवास पर चलेगा और यदि जरूरत पड़ी तो तालाबंदी करने से पीछे नहीं हटेंगे। वह सिर्फ न्याय चाहते हैं और अभी तक सिर्फ पुलिस पर भरोसा है, इसलिए आंदोलन नहीं कर रहे हैं।
वर्जन
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें जांच की जा रही है। इसको अभी दिखवाया जा रहा है। जिसकी गलती नहीं होगी, उसका नाम जांच में निकाल दिया जाएगा।
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-प्रवीण कुमार चौहान, एएसपी
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