- मौसम में बदलाव से बढ़ रही बीमारियां, वायरल व बुखार के मरीज ज्यादा पहुंच रहे
- जिला अस्पताल में बिगड़ रहे हालात, चिकित्सक घंटों तक रहते है कक्ष से नदारद
- मरीजों की भीड़ बढ़ने से कोरोना संक्रमण का खतरा बना हुआ, अफसर भी नहीं दे रहे ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। शिवरात्रि के अवकाश के बाद शनिवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ गई। इसके बावजूद मरीजों को देखने की जगह अधिकतर चिकित्सक अपने कक्षों से नदारद रहे। इस कारण उपचार के लिए पहुंचे मरीज और तीमारदार भटकते रहे। जिला अस्पताल का शनिवार को जायजा लिया गया तो कुछ इस तरह के हालात मिले।
समय सुबह 11.40 बजे
जिला अस्पताल में फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष खाली पड़े थे। दोनों कक्षों के बाहर मरीजों की भीड़ लगी थी। मरीजों ने आरोप लगाया कि वह दो घंटे से चिकित्सकों का इंतजार कर रहे है। कुछ ऐसे भी मरीज थे जो चिकित्सकों के नहीं मिलने पर बिना उपचार कराए ही लौट गए।
समय दोपहर 1.30 बजे
जिला अस्पताल में फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, चर्म रोग विशेषज्ञ, महिला रोग विशेषज्ञ सभी के कक्ष खाली पड़े थे। इनमें से फिजिशियन व बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ लगी थी। महिला रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर भी महिलाएं बैठी हुई थी कि चिकित्सक के आने पर उनसे परामर्श लिया जाएगा।
बीमारी बढ़ने पर भी चिकित्सक लापरवाह
मौसम में लगातार बदलाव के कारण बीमारियां भी बढ़ रही है। कभी बारिश हो रही है तो अचानक उमस भरी गर्मी हो जाती है। इससे बुखार व वायरल के मरीज बढ़ रहे है। इसके बावजूद भी चिकित्सक लापरवाही बरत रहे है।
क्या कहते है मरीज और तीमारदार
जिला अस्पताल में उपचार कराने आए गौरीपुर के लक्ष्मण का कहना था कि वह दो घंटे से उपचार कराने के लिए लाइन में लगा था। चिकित्सक नहीं आने के कारण उसे उपचार नहीं मिला है।
सुन्हेड़ा के अजय कुमार का कहना था कि उनका बच्चा बीमार है। चिकित्सकों ने बच्चे का सीटी स्कैन कराने के लिए बोला था। वह बच्चे की सीटी स्कैन रिपोर्ट दिखाने के लिए काफी देर से चिकित्सक का इंतजार कर रहा है। लेकिन चिकित्सक काफी देर से कक्ष में नहीं है।
मेहरमपुर के रोहित का कहना था कि वह बच्चे का उपचार कराने के लिए आया है। बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष में नहीं मिले। वह डेढ़ घंटे से चिकित्सक का इंतजार कर रहा है।
मुगलपुरा पुराना कस्बा की शबनम का कहना था कि वह बच्चे के उपचार के लिए तीन दिन से अस्पताल का चक्कर लगा रही है। चिकित्सक नहीं मिलने के कारण उसे उपचार नहीं मिल रहा है। शनिवार को भी दो घंटे तक चिकित्सक का इंतजार किया, मगर चिकित्सक के नहीं आने पर वह बिना उपचार कराए ही वापस लौट गई।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन एक हजार से अधिक ओपीडी हो रही है। शनिवार को भी मरीजों की जांच कर उपचार किया गया। सुबह दो चिकित्सक कोर्ट गए थे, जबकि अन्य चिकित्सकों ने मरीजों की जांच की। किसी तरह की लापरवाही नहीं हो, उसका ध्यान रखा जा रहा है। - डा. बीएल कुशवाहा, सीएमएस, जिला अस्पताल।