बागपत के खेकड़ा स्थित पिलाना गांव निवासी मुकेश (45) की बुधवार को खेकड़ा के एलीवेटेड मार्ग से दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर छलांग लगाने के बाद मौत हो गई। चार दिनों से लापता मुकेश के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच में उसकी दिमागी हालत ठीक न होने की बात सामने आ रही है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार को संदीप त्यागी नामक व्यक्ति ट्रॉनिका सिटी से पिलाना गांव की ओर जा रहा था, तो उसकी नजर एलीवेटेड मार्ग पर खड़े मुकेश पर पड़ी। संदीप ने उससे वहां खड़े होने का कारण पूछा, लेकिन मुकेश वहां से चल दिया। संदीप ने तुरंत मुकेश के परिजनों को फोन कर इसकी सूचना दी।
जैसे ही यह खबर मुकेश की पत्नी अंजू और बेटे हिमांशु को मिली, वे तुरंत खेकड़ा पहुंचे। मुकेश नीचे कूदने की फिराक में था। परिजनों ने मुकेश को रोकने का प्रयास किया, लेकिन उसने लगभग 20 फीट की ऊंचाई से नीचे दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर छलांग लगा दी। नीचे गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस कार्रवाई और इलाज
परिजनों ने तुरंत घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने घायल मुकेश को तत्काल खेकड़ा सीएचसी में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का बयान
पत्नी अंजू ने मीडिया को बताया कि उनके पति मुकेश की दिमागी हालत कुछ समय से ठीक नहीं थी और वह पिछले चार दिनों से घर से लापता थे। परिजनों ने उसकी तलाश में काफी प्रयास किए थे और सिंघावली अहीर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।
जांच अधिकारी का बयान
घटना की जांच कर रहे अधिकारी प्रभाकर केंतुरा ने बताया कि पिलाना गांव के रहने वाले मुकेश की एलीवेटेड मार्ग से कूदने के कारण मौत हो गई है। मामले की आगे की जांच की जा रही है।