थाने पहुंचे मजदूरों ने किया प्रदर्शन, साइकिल दिलाने की मांग
खेकड़ा। कोरोना संक्रमण के चलते प्रवासी मजदूरों पर मार लगातार पड़ रही है। जहां इनका रोजगार गया वहीं घर का सामान बेचकर खरीदी गयी साइकिल भी अस्थाई आश्रय स्थल से वापस नहीं मिल रही हैं। इसका खुलासा लखीमपुर खीरी से वापस बड़ौत पहुंचने वाले मजदूरों ने किया है।
लॉक डाउन होने पर पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान आदि प्रदेशों से हजारो की संख्या मे प्रवासी मजदूरों ने पलायन किया था। यातायात के साधन न होने के कारण पैदल ही अपने घरों के लिए निकल पड़े थे। बहुत से मजदूरों ने तो सैंकड़ों किलोमीटर का सफर तय करने के लिए नई साइकिल खरीदी थी। उस दौरान लखीमपुर खीरी निवासी प्रवासी मजदूर भी साइकिल से ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से होकर अपने गांव जा रहे थे। तब प्रशासन ने उन्हें खेकड़ा स्थित अस्थाई आश्रय स्थल पर रुकवा दिया था। वहां से स्वास्थ्य जांच कराने के बाद उन्हें बसों द्वारा उनके जनपदों के लिए रवाना किया गया था। रविवार को लखीमपुर खीरी निवासी मजदूर खेकड़ा कोतवाली पहुंचे। जहां उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी साइकिल को आश्रय स्थल पर ही रखवा लिया गया था, लेकिन अब उन्हें साइकिल नहीं मिल रही हैं। वह अपनी साइकिलों के लिए आश्रय स्थल और अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन उन्हें साइकिल नहीं दिलवाई जा रही है। मजदूरों का आरोप है कि उन्होंने अपने घर वापस लौटने के लिए नई साइकिल खरीदी थी। उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर तहसील प्रशासन से अपनी साइकिल दिलवाने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में उमेश कुमार, कर्ण, मनोज, सन्नी, अजय, संजय रघुवीर, हरि, राधेश्याम आदि रहे।