संवाद न्यूज एजेंसी
रटौल। गढ़ी कलंजरी गांव में चल रही पांच दिवसीय भागवत कथा का सोमवार को समापन हो गया। कथा वाचक रजनी यादव ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और अभिमान त्यागने का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि अभिमान से सत्कर्म का भी कोई लाभ नहीं होता।
रजनी यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति करने से मनुष्य के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने श्रीकृष्ण और एक राजा की कहानी सुनाई। कहानी में राजा अभिमान के कारण गिरगिट बन गया था। भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन से वह अपने स्वरूप में आया। राजा ने बताया कि उसने जीवनकाल में दान किया, पर अभिमान में एक ब्राह्मण का अपमान कर दिया था। भगवान ने समझाया कि सत्कर्म करना अच्छी बात है। मगर अभिमान के कारण ऐसे सत्कर्म का कोई लाभ नहीं होता। इसलिए जीवन में कभी अभिमान नहीं करना चाहिए।
कथा के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर अखंड आनंद, वीरपाल भगत, धीरेंद्र कसाना और प्रेम यादव उपस्थित रहे। श्यामे, हरपाल, ज्ञानचंद यादव और रवि शर्मा सहित कई अन्य लोग भी मौजूद थे।