आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा:-बागपत के बाबा जानकीदास मंदिर में मां के भजनों पर नृत्य करती महिला श
बागपत। नवरात्र के छठे दिन मां भगवती के सातवें स्वरूप मां कालरात्री की पूजा अर्चना की गई। मंदिरों में सुबह के समय पूजा अर्चना के लिए काफी श्रद्धालु पहुंचे। वहीं भजन कीर्तन में श्रद्धालुओं ने माता के भजनों पर नृत्य किया।
जिले भर में शुक्रवार को नवरात्र पर श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर मां भगवती के सातवें स्वरूप मां कालरात्री की पूजा अर्चना की। ज्योतिषाचार्य राजकुमार शास्त्री ने बताया कि मां कालरात्री का दस महाविद्या में प्रथम स्थान है। माता महाकाली को इनकी पूजा में गुलाब के लाल फूल, तांबूल, अनार के फल से खुश होती है। इनकी पूजा करने से शत्रु का भय दूर हो जाता है। मुकदमे में विजय प्राप्त होती है। मां कालरात्रि का रूप भयानक है, लेकिन भक्तों को किसी प्रकार से भयभीत अथवा आतंकित होनी की आवश्यकता नहीं पड़ती है। मंदिर में दुर्गा सप्तशती का पाठ कराने के बाद माता की आरती कर प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर आचार्य सुनील जोशी, सुबोध तिवारी, हर्ष कुमार शास्त्री, शिवा, अनन्या मौजूद रहे।
नवरात्र पर शहर के शालीग्राम मंदिर, बागेश्वर महादेव मंदिर पुराना कस्बा, पक्का घाट मंदिर, ठाकुर द्वारा मंदिर में श्रद्धालुओं ने देवी की पूजा अर्चना की। मंदिर में पूजन के बाद प्रसाद वितरित किया गया।