प्रधान पद के चुनाव के दौरान फायरिंग करने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। दोघट थाना क्षेत्र के धनौरा गांव में दस साल पहले प्रधान पद के चुनाव की तैयारी के दौरान ग्रामीण के घर पहुंचकर फायरिंग के मामले में देवेंद्र को छह साल की सजा सुनाई गई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र पांडेय ने फैसला सुनाया।
एडीजीसी सुरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि 18 अक्तूबर 2010 को धनौरा गांव में इकबाल पुत्र हरनारायण के मकान पर फायरिंग की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। पीड़ित के मकान पर फायरिंग हुई थी, लेकिन कोई मुकदमा दर्ज कराने के लिए तैयार नहीं था। एसआई महेश कुमार गौतम ने प्रकरण का मुकदमा गांव के ही देवेंद्र पुत्र इकबाल और निरपुड़ा गांव के राजेंद्र और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराया था। जांच के बाद पुलिस ने देवेंद्र और राजेंद्र के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी शैलेंद्र पांडेय की कोर्ट में प्रकरण की सुनवाई हुई। ट्रायल के दौरान राजेंद्र की मौत हो गई। अदालत ने शुक्रवार को अभियुक्त देवेंद्र धनौरा को दोषी माना। एडीजीसी ने बताया कि धारा 307 और 386 में छह साल की सजा और दो हजार रुपये अर्थदंड, धारा 171एच में एक साल की सजा सुनाई है। देवेंद्र की पत्नी चुनाव लड़ रही थी।