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सिपाही हत्याकांड का डेढ़ वर्ष बाद भी खुलासा नहीं

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बागपत। सिपाही उमेश चौहान हत्याकांड की जांच क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित हुए एक माह बीत चुका है। अभी तक जांच लटकी है। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी फैसले का दबाव बना रहे हैं। शुक्रवार को पीड़ित पक्ष के लोगों ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर हत्याकांड के खुलासे की मांग की।
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लूंब निवासी मृतक के पिता सहदेव ने बताया कि उनका पुत्र उमेश चौहान यूपी पुलिस में था। वर्ष 2012 में उसकी शादी शामली के गांव फुगाना निवासी एक युवती से हुई थी। उसका पत्नी के साथ विवाद चल रहा था। वह 24 जुलाई 2019 में मुजफ्फरनगर कोर्ट गया था। 26 जुलाई को मुंडेट नहर में उसका शव मिला था। उन्होंने शामली के थाना आदर्श मंडी में ससुरालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उमेश की गला दबाकर हत्या किया जाना सामने आया था। हत्याकांड की जांच से संतुष्ट न होने पर उन्होंने जांच बागपत में क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कराई थी। जांच स्थानांतरित हुए करीब एक माह बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आरोप है कि उन पर फैसला का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने एसपी अभिषेक सिंह से हत्याकांड का शीघ्र खुलासा कराने की मांग की। शिकायत करने वालों में सुभाष प्रधान, मनीष, राजवीर, श्रीपाल व रामदत्त शर्मा आदि रहे।
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