जिले भर में होलिका दहन स्थलों पर पहुंचकर महिला, बच्चे और युवतियों ने होलिका मैया की पूजा की। परिवार में सुख शांति और बच्चों की दीर्घायु की कामनाएं की। प्रसाद का वितरण किया। देव स्थलों पर भी श्रद्धालुओं ने पहुंचकर आराधना की।
शहर में रविवार को होली चौक, पक्का घाट, पुराना कस्बा के विभिन्न मोहल्ले में होलिका की पूजा हुई। होलिका का पूजन विभिन्न स्थलों पर हुआ। जहां पर सुबह से ही महिला, बच्चे और युवतियां पूजा करने पहुंची। सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी रहा। इसके अलावा देव स्थलों पर भी पहुंचकर लोगों ने परिवार में सुख शांति के लिए पूजा की।
बच्चों की दीर्घायु के लिए होलिका माता से प्रार्थनाएं की। होलिका की विभिन्न विधियों से आराधना की। प्रत्येक होलिका पूजा स्थलों पर रात के समय दहन किया जाएगा। मान्यता है फाल्गुन पूर्णिमा को वैदिक परंपराओं के तहत पूजन के बाद शुभ मुहूर्त में होलिका का दहन किया जाता हैओर जलती होलिका से प्रतीकात्मक भक्त प्रहलाद को बाहर निकाल कर खुशियों का पर्व होली के दूसरे गले मिलकर अबीर गुलाल से होली खेल मनाया जाता है।
पंडितों के अनुसार इस बार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6ः23 बजे से आठ बजकर 23 मिनट तक रहेगा। अग्रवाल मंडी टटीरी में होली के मौके पर मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा की। वहीं सूजरपुर महनवा गांव में काल सिंह देव स्थान पर सैकड़ों लोगों ने पहुंचकर प्रसाद चढ़ाकर प्रार्थना की। चौहल्दा, हमीदाबाद के मंदिरों में लोगों की भीड़ रही।
कस्बे की भरभानिया पट्टी में होली पर्व पर समाज सेवी एवं ग्रामीण पशु नस्ल सुधार समिति जनपद डॉ. विनोद कुमार के नेतृत्व में भंडारा किया। इसमें सत्यवीर सिंह, महक सिंह, नवीन कुमार, प्रहलाद सिंह, धनश्याम, आदेश, पप्पू मौजूद रहे। दाहा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में होलिका की पूजा की। मंदिरों और देव स्थलों में पहुंचकर परिवार में सुख शांति के लिए आराधना की।